'अगर भरोसा खत्म हो जाए तो शादी नहीं टिक सकती': हाईकोर्ट
विवाह केवल एक कानूनी बंधन नहीं, बल्कि पारस्परिक सम्मान, विश्वास और साझेदारी की भावना पर आधारित एक पवित्र संबंध है। यदि इन मूल तत्वों का पूरी तरह क्षरण हो जाए तो केवल कानूनी रूप से विवाह को बनाए रखने से उसकी पवित्रता सुरक्षित नहीं रह सकती। उड़ीसा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह टिप्पणी करते हुए रायगड़ा परिवार न्यायालय द्वारा दिए गए तलाक के आदेश को बरकरार रखा है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह की पवित्रता केवल उसके कानूनी स्वरूप को बनाए रखने से नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच मौजूद विश्वास, सम्मान और साथ निभाने की भावना से कायम रहती है।

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