नि:स्वार्थ सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना राष्ट्र को नई दिशा देती है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शुक्रवार को सुभाषित शेयर किया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, नदियों का अविरल प्रवाह सिखाता है कि हम किस प्रकार अपने सामथ्र्य का उपयोग मानवता की भलाई के लिए कर सकते हैं। नि:स्वार्थ सेवा, समर्पण और परोपकार की यही भावना राष्ट्र को नई दिशा देती है। पीएम मोदी की ओर से सोशल मीडिया पर एक संस्कृत श्लोक, साझा किया गया, जिसका हिंदी अर्थ है कि हे मनुष्यों! अपना जीवन सदैव दूसरों की सेवा और कल्याण के लिए समर्पित करो। नि:स्वार्थ सेवा, परोपकार और लोककल्याण में ही मानव जीवन की वास्तविक सार्थकता है।

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