क्या श्रीगंगानगर में भी चलेगा झालावाड़ जैसा अभियान?
श्रीगंगानगर में झालावाड़ पुलिस द्वारा अवैध साहूकारी, सूदखोरी और आर्थिक शोषण के खिलाफ चलाए गए बड़े अभियान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ऐसा ही अभियान श्रीगंगानगर जिले में भी चलाया जाएगा? स्थानीय स्तर पर लंबे समय से ऐसे आरोप सामने आते रहे हैं कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग निजी सूदखोरों के चंगुल में फंसे हुए हैं। कई परिवार ऐसे हैं जो वर्षों से नहीं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी ब्याज चुकाते आ रहे हैं, लेकिन मूल कर्ज आज तक समाप्त नहीं हुआ।
बताया जाता है कि आर्थिक मजबूरी में किसान, छोटे व्यापारी, मजदूर और जरूरतमंद लोग निजी स्तर पर कर्ज लेते हैं। शुरुआत में छोटी राशि का कर्ज समय के साथ कई गुना बढ़ जाता है। पीडि़तों का आरोप है कि वे मूलधन से कई गुना अधिक ब्याज चुका चुके हैं, फिर भी उनसे बकाया राशि बताकर वसूली जारी रहती है।
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