जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में की देरी तो करना पड़ेगा मुश्किलों का सामना - केंद्र सरकार ने सख्त किए नियम
सिविल रजिस्ट्रेशन से जुड़े कानून में प्रस्तावित बदलाव के तहत जो लोग दो साल के अंदर जन्म और मृत्यु की जानकारी अधिकारियों को नहीं देते हैं उन्हें रजिस्ट्रेशन की ज्यादा सख्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
केंद्र ने प्रस्ताव दिया है कि दो साल बाद बताई गई जन्म और मृत्यु की घटनाओं का रजिस्ट्रेशन सिर्फ फस्र्ट-क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही हो सकेगा। यह मौजूदा नियम की जगह लेगा जिसके तहत ऐसे मामलों को डीएम, एसडीएम या एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मंजूरी दे सकते थे।

No comments