श्री सांवलियाजी मंदिर में मोर पंख और 56 भोग चढ़ाने पर रोक
चित्तौडग़ढ़ के सांवलियाजी मंदिर में मोरपंख और 56 भोग की परंपर को बंद कर दिया गया है। मंदिर बढ़ती भक्तों की संख्या के कारण प्रशासन ने ये निर्णय लिया है। नए नियम के अनुसार अब भक्त सिर्फ भंडार में नकद राशि या सोना-चांदी जैसी भेंट ही दे सकेंगे। दर्शन के लिए उन्हें खाली हाथ ही मंदिर में जाना होगा।
मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव के अनुसार पिछले कुछ समय से श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही भोग चढ़ाने की संख्या भी काफी ज्यादा हो गई थी। कई लोग बड़े समूह में आते थे और भोग चढ़ाने के दौरान गर्भगृह के सामने काफी देर तक रुक जाते थे, जिससे लंबी कतारें लग जाती थीं और बाकी श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी।

No comments