जिम्मेदारी शून्य : सड़क पर हर कोई खुद को 'राजाÓ समझ रहा है
श्रीगंगानगर शहर की ट्रैफिक समस्या अब सिर्फ अव्यवस्था नहीं, बल्कि लापरवाही और जिम्मेदारी के पूर्ण पतन की कहानी बन चुकी है।
कार चालक मोबाइल पर बात करते हुए या साथ बैठे लोगों में मशगूल होकर गाड़ी चलाते हैं। पीछे कितने वाहन फंसे हैं, कितनी हॉर्न बज रही है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
बिना संकेत दिए अचानक यू-टर्न, संकरी गलियों में बीच सड़क पार्किंग, घर के बाहर सड़क को निजी पार्किंग समझना यह सब रोज़मर्रा की आदत बन चुका है। बाजार क्षेत्रों में तो हालात और भी विस्फोटक हैं।
No comments