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महज 1-2 केस के आधार पर किसी को गुंडा घोषित नहीं किया जा सकता: हाई कोर्ट


इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक मामले में कहा है कि महज एक या दो आपराधिक मामलों के आधार पर व्यक्ति को उप्र गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत गुंडा के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। बुलंदशहर जिले के अधिकारियों ने व्यक्ति को 6 माह के लिए जिले से निर्वासित करने का आदेश दिया था। इस आदेश को मेरठ मंडल के आयुक्त ने भी बकरार रखा था जिसके बाद व्यक्ति ने उच्च न्यायालय का रुख किया। अदालत ने निर्वासन आदेश रद्द करते हुए कहा कि राज्य सरकार की इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई से एक व्यक्ति और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को अपूर्णीय क्षति होती है।
न्यायमूर्ति संदीप जैन ने सतेंद्र नाम के व्यक्ति द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए 12 फरवरी, 2025 को अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) द्वारा जारी आदेश को रद्द कर दिया।

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