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धर्म ग्रंथों के अध्ययन के बिना संतों की पहचान संभव नहीं : स्वामी रामाचार्य जी


श्रीगंगानगर में पदमपुर रोड स्थित बिश्नोई मंदिर में सोमवार से सात दिवसीय श्री जाम्भाणी हरिकथा आरंभ हुई। 
अखिल भारतीय बिश्नोई युवा संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस कथा का शुभारंभ जैसला से पधारे स्वामी रामाचार्य के सानिध्य में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर किया गया। 
इस दौरान मंदिर के प्रधान शिव सहारण, पूर्व प्रधान भीमसेन गोदारा तथा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अतुल मांझू और जिलाध्यक्ष सुनील सहारण के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कथा व्यास का माल्यार्पण व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

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