जयपुर में केटरर्स की दो टूक- सिलेंडर लाओ, तभी भोजन पाओ
अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल को अबूझ सावे में सात फेरों की तैयारियां गैस सिलेंडर पाने की तैयारियों तक सिमट गई है। शादी वाले परिवार अब मिठाई और मेहमानों की गिनती से ज्यादा सिलेंडरों की गिनती कर रहे हैं कि कितने सिलेंडर जुटा पाए?
अबूझ सावे पर जयपुर शहर में करीब 4 से 5 हजार शादियां होंगी। लेकिन दूल्हा-दुल्हन से ज्यादा चर्चा सिलेंडरों की हो रही है। मिठाई कम, मेहमान कम, कार्यक्रम कम-सब कुछ गैस की कमी का असर। केटरर्स ने साफ कह दिया है कि सिलेंडर लाओ, तभी भोजन पाओ। रिश्तेदारों से सिलेंडर उधार लेने तक की नौबत आ गई है।

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