दुबई में फंसा रहा, राजस्थान लौटा तो छलक पड़े आंसू
कभी मिसाइलों की आवाज, कभी सायरन और हर पल अनिश्चितता का डर। दुबई में फंसे नागौर के हिराणी गांव के श्रमिक टीकमचंद कुमावत के लिए बीते आठ दिन दशहत भरे रहे। जब वे सुरक्षित अपने गांव हिराणी पहुंचे तो परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पूरे ग्रामवासियों ने राहत की सांस ली।
टीकमचंद गत दो वर्षों से दुबई में मजदूरी कर रहा था। वह 28 फरवरी को होली का त्योहार मनाने भारत आने वाला था। इसी बीच ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बने युद्ध जैसे हालात के कारण एयरपोर्ट बंद हो गए और वह दुबई में ही फंस गया।

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