आरोपी कभी भी नार्को-पॉलीग्राफ-टेस्ट की सहमति वापस ले सकता है:हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश देते हुए कहा कि आपराधिक मामलों मे कोई भी आरोपी नार्को,पॉलीग्राफ और अन्य किसी भी वैज्ञानिक टेस्ट के लिए दी गई अपनी सहमति को कभी भी वापस ले सकता हैं। आरोपी की एक बार दी गई सहमति को अटल नहीं माना जा सकता हैं।
वहीं अगर उसे सहमति वापस लेने की मंजूरी नहीं दी जाती है तो यह उसकी स्वतंत्र इच्छा और सहमति के खिलाफ उस पर ज़बरदस्ती टेस्ट करने जैसा होगा। जो उसके मौलिक अधिकार और चुप रहने के अधिकार का उल्लंखन माना जाएगा।

No comments