पुलिस केस-डायरी में जज के व्यवहार की शिकायत अवमानना नहीं:हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने एक मामले में स्पष्ट किया है कि पुलिस जांच के दौरान केस डायरी में पीठासीन अधिकारी (जज) के व्यक्तिगत व्यवहार को लेकर दिए गए बयान आपराधिक अवमानना नहीं हैं। जस्टिस फरजंद अली और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने भीलवाड़ा के मांडलगढ़ के तत्कालीन सीनियर सिविल जज एवं एसीजेएम की ओर से भेजे गए संदर्भ पर दर्ज क्रिमिनल कंटेम्प्ट पिटीशन को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
यह पूरा विवाद मांडलगढ़ थाने में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है। इसमें रेप, धोखाधड़ी और विशेष रूप से 'लोक सेवक द्वारा कानून की अवहेलनाÓ व 'महिला का अपमानÓ जैसे गंभीर धाराओं में जांच चल रही थी।

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