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सिर्फ 'गाली' से एससी/एसटी एक्ट नहीं लगेगा, इरादा साबित करना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट


अनुसूचित जाति या जनजाति के किसी व्यक्ति को सिर्फ अपशब्द कहना एससी एसटी एक्ट के तहत तब तक अपराध नहीं माना जाएगा जब तक जातिसूचक शब्दों के प्रयोग कर उसे जाति के आधार पर नीचा दिखाने या अपदस्थ करने की उसकी दुर्भावना और मंशा स्पष्ट न हो जाए.
अपने इस निर्णय के जरिए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुसूचित जाति या जनजाति से संबंध रखने वाले को केवल अपमानजनक शब्द बोलने या गाली-गलौज करना स्वत: ही अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत अपराध नहीं बन सकता.

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