नहरबंदी के दौरान 1500 क्यूसेक पानी मिलने को लेकर किसान आशंकित
फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए ली जाने वाली नहरबंदी का मामला किसानों में गर्माया हुआ है। जयपुर के चीफ इंजीनियर सामान्य अमरजीत मेहरड़ा की ओर से शुक्रवार को नहरबंदी को लेकर तैयार की गई रूपरेखा का सर्वदलीय बैठक में खुलासा करने के बाद भी किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि 12 जनवरी को गंगा सिंह चौक पर पड़ाव डाला ही जाएगा।
किसानों की मांग है कि नहरबंदी फरवरी के प्रथम सप्ताह से ली जाए, ताकि जनवरी के अंत तक दो-दो सिंचाई सुविधाएं मिल सकें और सरसों, चना व जौ का पकाव हो सके। फरवरी में नहरबंदी के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मिलने वाले 1500 क्यूसेक पानी से गेहूं फसल को पकाया जा सकेगा।

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