1 फरवरी से जमीन की रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव
जमीन और प्रॉपर्टी के लेन-देन में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए 1 फरवरी 2026 से एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान केवल खरीदार और विक्रेता ही नहीं, बल्कि गवाहों का भी आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
इस बदलाव के तहत सभी उप निबंधक कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित की गई हैं, जो सीधे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के सर्वर से जुड़ी होंगी। जैसे ही खरीदार, विक्रेता या गवाह अपने अंगूठे का उपयोग करेंगे, पहचान तुरंत पुष्ट की जाएगी। पहचान सही होने पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे फर्जी आधार कार्ड के जरिए जमीन बेचे जाने जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

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