नदियों से बजरी खनन पर हाईकोर्ट सख्त, नई गाइडलाइन तय
राजस्थान में नदियों में हो रहे अंधाधुंध बजरी खनन पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में नदी से बजरी निकालने की अनुमति देने से पहले प्रक्रिया का अध्ययन करना अनिवार्य होगा।
कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि जिस तरह जंगलों को बचाने के लिए पेड़ों की कटाई से पहले उनकी ग्रोथ रेट मापना जरूरी है। उसी तरह नदियों का प्राकृतिक संतुलन जरूरी है कि रेत की भरपाई किस रफ़्तार से हो रही है। कोर्ट ने स्वीकार किया कि निर्माण कार्यों के लिए रेत एक जरूरी संसाधन है और इस पर पूरी तरह बैन लगाना व्यावहारिक नहीं है।

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