धर्म हेत साका जिन किया, सीस दिया पर सर न दिया...
श्रीगंगानगर में हिन्द दी चादर, मानवाधिकारों एवं धार्मिक स्वतंत्रता के सर्वोच्च प्रहरी, नौवें गुरु साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष्य में मंगलवार सुबह नेहरू पार्क के नजदीक श्री गुरुनानक गल्र्स कॉलेज परिसर में आयोजित मुख्य समागम में विशेष आलौकिक कीर्तन दीवान सजाए गए।
श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी वर्ष पर आयोजित समागम में शहर के इक्कीस गुरूद्वारों की संगत ने सामूहिक रूप से पंहुचकर गुरु साहिब के प्रति आस्था और विश्वास का परिचय दिया। आज सुबह से ही आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में संगत के पंहुचने का सिलसिला जारी रहा।
कथावाचकों एवं कवियों ने अपनी कथा व कविता में गुरु साहिब की जीवनी के प्रमुख आयामों को विस्तारपूर्वक उजागर करते हुए बताया कि कैसे गुरु तेग बहादुर जी ने कठिन तपस्या, आध्यात्मिक चिंतन और मानव सेवा को जीवन का मूल आधार बनाया।

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