प्रदेश की 7 हजार समितियों का होगा कंप्यूटरीकरण
राजस्थान में किसानों के नाम ऋण उठाने में होने वाले फर्जीवाड़े पर अब डिजिटल सिस्टम से लगाम लगाई जाएगी। इसी कड़ी में प्रदेश की करीब 7 हजार ग्राम सेवा सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण होगा। इन सभी समितियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन हो रहा है। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ऋण संबंधी गड़बडिय़ों पर नकेल कसी जा सकेगी। इनमें भरतपुर व बाड़मेर भी शामिल है। शिकायतों से निपटने और विभागीय काम काज में पारदर्शिता लाने के लिए 115 करोड़ की लागत से समितियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा रहा है।

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