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अब बजट पर टिकी आशियाने की आस

- प्रधानमंत्री आवास योजना में शहरी आवेदकों की राशि का मामला
श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के आवेदकों को केन्द्र सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान का इतंजार है। उनकी आस अब केन्द्र सरकार के बजट पर टिकी है। ग्रामीण इलाकों में आवेदकों को इस योजना के तहत मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में ही अनुदान की राशि जारी करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया था। इस दौरान शहर से पात्र आवेदकों की सूची भी जारी की गई लेकिन बजट जारी नहीं किया गया। शहरी आवेदकों के लिए पहले विधानसभा चुनाव और बाद में लोकसभा चुनाव आचार संहिता लगने के कारण रूडिस्कों से बजट जारी नहीं किया गया था।
उस वक्त चर्चा रही कि केन्द्र सरकार इसके लिए 98 करोड़ रुपए का बजट जारी करेगी, जो कि नहीं हुआ। अब बताया जा रहा है कि केन्द्र सरकार के शुक्रवार को पेश किए जाने वाले बजट मेें प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए राशि की घोषणा हो सकती है। साथ ही इसकी अवधि को भी बढ़ाया जा सकता है।
योजना के तहत नगर परिषद क्षेत्र के 50 वार्डों से करीब 11 हजार आवेदन किए गए थे। आवेदनकर्ताओं के सर्वे का कार्य याशी कन्सलटिंग सर्विस प्रा.लि. कम्पनी ने किया। इनमें से 25 प्रतिशत आवेदकों (4266) का सत्यापन कर अनुदान के लिए सूची सरकार को भिजवाई जा चुकी है। अनुदान की राशि रूडिस्को के मार्फत आनी है। इनमें अधिकांश आवेदक अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम व बैंक लोन वाले हैं। तीसरे वर्ग में बीएलसी आवेदक (कच्चे मकान या खाली भूखण्ड) वाले हैं। इस वर्ग के 296 आवेदकों का चयन अनुदान के लिए होना बताया जा रहा है। इन्हें भी राशि जारी होने का इंतजार है। 
फिलहाल यह योजना 2022 तक पूरी होनी है। इसलिए अब भी नगर परिषद में योजना के तहत आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। सर्वे की कार्रवाई के बाद करीब 400 से अधिक आवेदन नगर परिषद में और जमा हो चुके हैं। नगर परिषद में योजना के प्रभारी चौथमल चौपड़ा ने बताया कि योजना के तहत 21 से 30 वर्ग मीटर खाली भूखंड वाला व तीन लाख रुपए या इससे अधिक वार्षिक वाले आवेदन कर सकते हैं। 21 से 30 वर्ग वाले आवेदक को 1.50 लाख रुपए अनुदान तथा तीन लाख से अधिक आय वाले आवेदकों को बैंक से लोन की सुविधा मिलेगी।


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