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रिश्वत मांगने का आरोपी सिपाही गिरफ्तार

- सात वर्ष पुराने मामले में गिरफ्तारी
श्रीगंगानगर। भ्रष्टाचारा निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर की टीम ने कोतवाली पुलिस थाना के सिपाही हरवेल ङ्क्षसह को सात वर्ष पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। उसे अदालत में पेश किया गया है। एक परिवाद की जांच में सिपाही ने रिश्वत की मांग की थी।
एएसपी राजेन्द्र डिढ़ारिया ने बताया कि 4 जुलाई 2012 में मुकर्जीनगर निवासी सतीश बंसल ने एसीबी चौकी में परिवाद देकर आरोप लगाया था कि बस स्टेण्ड पुलिस चौकी में नियुक्त सिपाही हरवेल सिंह उससे रिश्वत के रूप में दस हजार रुपए ले चुका है और दस हजार रुपए की ओर डिमांड कर रहा है। सतीश बंसल के मुताबिक वह ए.सी व फ्रीज सहित इलेक्ट्रोनिक्स उपकरण किश्तों पर देने का व्यापार करता है।
एक महिला उससे सामान लेकर गई थी, लेकिन उसने किश्तें नहीं दी। उसने किश्तें मांगी, तो वह उसे धमकी देने लगी कि वह उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवा देगी। वह किश्तें नहीं देगी। इस महिला ने उसके खिलाफ बस स्टेण्ड पुलिस चौकी में परिवाद दे दिया। इस परिवाद की जांच सिपाही हरवेल ङ्क्षसह कर रहा था। हरवेल सिंह ने इस मामले में राजीनामा करवाने व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज नहीं होने देने का भरोसा दिलाते हुए उससे दस हजार रुपए की रिश्वत ले ली। इसके बावजूद वह और रुपए मांग रहा था।
एसीबी के अनुसार सतीश बंसल ने एसीबी को परिवाद दिया तो एसीबी ने रिश्वत मांगने का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान सिपाही हरवेल सिंह द्वारा दस हजार रुपए और रिश्वत मांगी गई। एसीबी ने सिपाही को ट्रेप करने के लिए जाल बिछाया, लेकिन वह ट्रेप नहीं हो सका। इस पर हरवेल सिंह को रिश्वत मांगने का आरोपी मानते हुए उसके खिलाफ मुकदमा नम्बर 403/12 दर्ज कर लिया गया। इस मामले में विभाग से अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने पर सिपाही को गिरफ्तार नहीं किया गया था। अब अभियोजन स्वीकृति मिलने पर सिपाही हरवेल ङ्क्षसह को गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी के डिप्टी एसपी वेदप्रकाश लखोटिया ने सिपाही हरवेल सिंह को अदालत में पेश किया। सिपाही हरवेल वर्तमान में भी बस स्टेण्ड पुलिस चौकी में नियुक्त है।
महिलाओं के अधिकांश परिवाद इसी सिपाही को मिलते थे
श्रीगंगानगर। कई वर्षो से कोतवाली पुलिस थाना में ही जमे रहने वाला सिपाही हरवेल ङ्क्षसह परिवाद की जांच में भी वसूली करने में माहिर था। वह बस स्टेण्ड व सेतिया कॉलोनी पुलिस चौकी में अधिकांश समय तैनात रहा। सेतिया कॉलोनी पुलिस चौकी में रहने के दौरान अनेक महिलाओं के साथ सांठगांठ करके वह चौकी में परिवाद दिलवाता देता था और फिर कार्रवाई के नाम पर आरोपी से वसूली होती थी। अधिकांश महिलाओं से संबंधित परिवादों की जांच वही करता था। इसके बाद वसूली की रकम की बंदरबांट कर ली जाती थी।


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