दाम बढऩे के बाद असमंजस में हैं उपभोक्ता
- शराब की दुकानों पर प्रदर्शित किए जाएं बढ़े हुए दाम
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार द्वारा अंग्रेजी शराब और बीयर पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के बाद उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति है। ऐसे उपभोक्ताओं ने टैक्स के बाद बढ़े हुए दामों की सूची शराब की दुकानों पर प्रदर्शित करने की मांग की है।
एक जुलाई को राज्य सरकार ने आदेश जारी कर अंग्रेजी शराब पर 20 और बीयर पर 35 प्रतिशत टैक्स बढ़ा दिया। इसकी पालना में शराब की दुकानों सहित होटलों में उपभोक्ताओं से अंगे्रजी शराब-बीयर के बढ़ेहुए दाम लिए जा रहे हैं।
कई उपभोक्ताओं को राज्य सरकार द्वारा अंग्रेजी शराब और बीयर पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की जानकारी नहीं है, इसलिए उनमेें असमंजस की स्थिति है। ऐसे उपभोक्ताओं ने अंग्रेजी शराब और बीयर पर एक्साइज ड्यूटी बढऩे के बाद ब्रांड सहित नई मूल्य सूची शराब की दुकानों पर प्रदर्शित करने की मांग की है।
इससे उपभोक्ताओं को पता रहेगा कि फलां शराब का ब्रांड और उसका मूल्य क्या है? साथ ही दुकान संचालक और सेल्समैन भी उपभोक्ताओं से ज्यादा दाम नहीं वसूल सकेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ओर से बीयर पर यह टैक्स बढोतरी तीन महीने में दूसरी बार की गई है।
इससे पहले अप्रैल में बीयर के भाव 13 प्रतिशत बढ़ गए थे, जब सरकार ने टैक्स बढ़ा दिया था। अब सरकार ने 35 प्रतिशत टैक्स बढ़ाया है।
फिर भी धड़ल्ले से जारी है अवैध वसूली
एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से बेशक अंग्रेजी शराब और बीयर के दाम बढ़ गए हों, लेकिन इससे पहले ही शराब ठेका संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं से निर्धारित से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिले के कई ठेकों पर अंग्रेजी शराब की बोतल पर निर्धारित एमआरपी से अधिक दाम लिए जा रहे हैं। ठेका कर्मचारियों द्वारा 5 से लेकर 10 प्रतिशत तक की अवैध वसूली की जा रही है। हैरत की बात है कि सब कुछ जानने और शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार इस ओर कार्रवाई नहीं करते हैं। इसके चलते ठेका संचालकों की अवैध वसूली धड़ल्ले से जारी है।
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार द्वारा अंग्रेजी शराब और बीयर पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के बाद उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति है। ऐसे उपभोक्ताओं ने टैक्स के बाद बढ़े हुए दामों की सूची शराब की दुकानों पर प्रदर्शित करने की मांग की है।
एक जुलाई को राज्य सरकार ने आदेश जारी कर अंग्रेजी शराब पर 20 और बीयर पर 35 प्रतिशत टैक्स बढ़ा दिया। इसकी पालना में शराब की दुकानों सहित होटलों में उपभोक्ताओं से अंगे्रजी शराब-बीयर के बढ़ेहुए दाम लिए जा रहे हैं।
कई उपभोक्ताओं को राज्य सरकार द्वारा अंग्रेजी शराब और बीयर पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की जानकारी नहीं है, इसलिए उनमेें असमंजस की स्थिति है। ऐसे उपभोक्ताओं ने अंग्रेजी शराब और बीयर पर एक्साइज ड्यूटी बढऩे के बाद ब्रांड सहित नई मूल्य सूची शराब की दुकानों पर प्रदर्शित करने की मांग की है।
इससे उपभोक्ताओं को पता रहेगा कि फलां शराब का ब्रांड और उसका मूल्य क्या है? साथ ही दुकान संचालक और सेल्समैन भी उपभोक्ताओं से ज्यादा दाम नहीं वसूल सकेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ओर से बीयर पर यह टैक्स बढोतरी तीन महीने में दूसरी बार की गई है।
इससे पहले अप्रैल में बीयर के भाव 13 प्रतिशत बढ़ गए थे, जब सरकार ने टैक्स बढ़ा दिया था। अब सरकार ने 35 प्रतिशत टैक्स बढ़ाया है।
फिर भी धड़ल्ले से जारी है अवैध वसूली
एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से बेशक अंग्रेजी शराब और बीयर के दाम बढ़ गए हों, लेकिन इससे पहले ही शराब ठेका संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं से निर्धारित से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिले के कई ठेकों पर अंग्रेजी शराब की बोतल पर निर्धारित एमआरपी से अधिक दाम लिए जा रहे हैं। ठेका कर्मचारियों द्वारा 5 से लेकर 10 प्रतिशत तक की अवैध वसूली की जा रही है। हैरत की बात है कि सब कुछ जानने और शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार इस ओर कार्रवाई नहीं करते हैं। इसके चलते ठेका संचालकों की अवैध वसूली धड़ल्ले से जारी है।

No comments