कोतवाल ने तहसील से और रिकॉर्ड तलब किया
- बेशकीमती जमीन पर कब्जे का मामला
श्रीगंगानगर। जस्सा सिंह मार्ग पर स्थित बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद उपजे विवाद के बीच मुकदमे के जांच अधिकारी कोतवाली थाना प्रभारी हनुमानाराम बिश्रोई ने तहसील कार्यालय से जमीन से संबंधित और रिकॉर्ड तलब किया है। सेठ लच्छीराम ने अपने एक नजदीकि अमरनाथ को जमीन गिफ्ट की थी और उसके वारिसों ने जमीन को अपने नाम करवाते हुए करोड़ों में बेच दिया।
जांच अधिकारी कोतवाल ने तहसील कार्यालय से चक 3 ई छोटी के मुरब्बा नम्बर 7, 11, 20 में विवादित जमीन की हाल में ही हुई रजिस्ट्री से पहले किसका का कब्जा था, रजिस्ट्री से पहले इंतकाल व जमाबंदी की जानकारी मांगी है। साथ ही 1986 में इंतकाल व जमाबंदी किसके नाम से थी, की जानकारी तलब की है। जांच अधिकारी ने तहसीलदार को तीनों मुरब्बों की पैमाइश करने के लिए भी कहा है।
जानकारी के अनुसार सेठ लच्छीराम ने 19 मई 1970 को अमरनाथ के नाम गिफ्टडीड की रजिस्ट्री करवाई थी, जिसका अमरनाथ के नाम इंतकाल 1986 में हुआ। जमाबंदी में भी 1986 में नाम परिवर्तन हुआ। बताया जाता है कि 1986 में ही तत्कालीन पटवारी ने सभी का सांझा खाता खोल दिया। इसी गफलत के कारण अमरनाथ के नाम अलग मुरब्बा में जमीन होने के बाद सांझा खाते में जमीन बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार सेठ लच्छीराम के पुत्र बृजलाल अग्रवाल ने गत दिवस कोतवाली पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया था कि उनके परिवार की चक 3 ए छोटी मुरब्बा नम्बर 7, 11 व 20 में कृषि भूमि है। उसके पिता लच्छीराम ने उक्त भूमि में से मुरब्बा नम्बर 7 उसके नाम से बंटवारानामा कर दी और मुरब्बा नम्बर 11 की 3 बीघा 1 बिस्वा भूमि अपने पुत्र मुरली मनोहर जरिए बंटवारारामा कर दी। इसी जमीन के पास मुरब्बा नम्बर 20 में 24 बीघा 1 बिस्वा भूमि उसके पिता ने अमरनाथ को गिफ्ट कर दी। अमरनाथ के निधन के बाद इस भूमि का इंतकाल उसके वारिसान उपेन्द्रनाथ, मनोज, पुत्रियां रीता व चित्रलेखा के नाम से हुआ। मनोज कुमार महाजन निवासी बदरीपुरा जोगीवाला देहरादून उत्तराखण्ड, मनोज की बहन रीता अग्रवाल निवाीस बरेला उत्तर प्रदेश, उसके भाई उपेन्द्रनाथ महाजन निवासी भगवतीगंज जिला हापुड़ यूपी व चित्रलेखा अग्रवाल निवासी मौहल्ला रेलवे गंज शहर हरदोई, परगना गोपामऊ जिला हरदोई उत्तर प्रदेश ने अपने हिस्से की जमीन हेमंत कुमार भठेजा पुत्र रमेश कुमार भठेजा निवासी पे्रम नगर, श्याम कालड़ा पुत्र राजकिशन कालड़ा निवासी जवाहरनगर श्रीगंगानगर, राजदीप सिंह पुत्र रघुवीर सिंह जट सिख निवासी 25 एनपी श्रीगंगानगर व अमिताभ खैरवा पुत्र भरतराम जाट निवासी 18 जीजी गोविन्दपुरा के नाम रजिस्ट्री करवा दी। जमीन के खरीददारों ने मुरब्बा नम्बर 11 की जमीन पर कब्जा कर लिया। इसके बाद बृजलाल ने मुकदमा दर्ज करवाया।
श्रीगंगानगर। जस्सा सिंह मार्ग पर स्थित बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद उपजे विवाद के बीच मुकदमे के जांच अधिकारी कोतवाली थाना प्रभारी हनुमानाराम बिश्रोई ने तहसील कार्यालय से जमीन से संबंधित और रिकॉर्ड तलब किया है। सेठ लच्छीराम ने अपने एक नजदीकि अमरनाथ को जमीन गिफ्ट की थी और उसके वारिसों ने जमीन को अपने नाम करवाते हुए करोड़ों में बेच दिया।
जांच अधिकारी कोतवाल ने तहसील कार्यालय से चक 3 ई छोटी के मुरब्बा नम्बर 7, 11, 20 में विवादित जमीन की हाल में ही हुई रजिस्ट्री से पहले किसका का कब्जा था, रजिस्ट्री से पहले इंतकाल व जमाबंदी की जानकारी मांगी है। साथ ही 1986 में इंतकाल व जमाबंदी किसके नाम से थी, की जानकारी तलब की है। जांच अधिकारी ने तहसीलदार को तीनों मुरब्बों की पैमाइश करने के लिए भी कहा है।
जानकारी के अनुसार सेठ लच्छीराम ने 19 मई 1970 को अमरनाथ के नाम गिफ्टडीड की रजिस्ट्री करवाई थी, जिसका अमरनाथ के नाम इंतकाल 1986 में हुआ। जमाबंदी में भी 1986 में नाम परिवर्तन हुआ। बताया जाता है कि 1986 में ही तत्कालीन पटवारी ने सभी का सांझा खाता खोल दिया। इसी गफलत के कारण अमरनाथ के नाम अलग मुरब्बा में जमीन होने के बाद सांझा खाते में जमीन बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार सेठ लच्छीराम के पुत्र बृजलाल अग्रवाल ने गत दिवस कोतवाली पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया था कि उनके परिवार की चक 3 ए छोटी मुरब्बा नम्बर 7, 11 व 20 में कृषि भूमि है। उसके पिता लच्छीराम ने उक्त भूमि में से मुरब्बा नम्बर 7 उसके नाम से बंटवारानामा कर दी और मुरब्बा नम्बर 11 की 3 बीघा 1 बिस्वा भूमि अपने पुत्र मुरली मनोहर जरिए बंटवारारामा कर दी। इसी जमीन के पास मुरब्बा नम्बर 20 में 24 बीघा 1 बिस्वा भूमि उसके पिता ने अमरनाथ को गिफ्ट कर दी। अमरनाथ के निधन के बाद इस भूमि का इंतकाल उसके वारिसान उपेन्द्रनाथ, मनोज, पुत्रियां रीता व चित्रलेखा के नाम से हुआ। मनोज कुमार महाजन निवासी बदरीपुरा जोगीवाला देहरादून उत्तराखण्ड, मनोज की बहन रीता अग्रवाल निवाीस बरेला उत्तर प्रदेश, उसके भाई उपेन्द्रनाथ महाजन निवासी भगवतीगंज जिला हापुड़ यूपी व चित्रलेखा अग्रवाल निवासी मौहल्ला रेलवे गंज शहर हरदोई, परगना गोपामऊ जिला हरदोई उत्तर प्रदेश ने अपने हिस्से की जमीन हेमंत कुमार भठेजा पुत्र रमेश कुमार भठेजा निवासी पे्रम नगर, श्याम कालड़ा पुत्र राजकिशन कालड़ा निवासी जवाहरनगर श्रीगंगानगर, राजदीप सिंह पुत्र रघुवीर सिंह जट सिख निवासी 25 एनपी श्रीगंगानगर व अमिताभ खैरवा पुत्र भरतराम जाट निवासी 18 जीजी गोविन्दपुरा के नाम रजिस्ट्री करवा दी। जमीन के खरीददारों ने मुरब्बा नम्बर 11 की जमीन पर कब्जा कर लिया। इसके बाद बृजलाल ने मुकदमा दर्ज करवाया।

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