स्टेट हाईवे के लिए लगाया धरना दो घंटे में उठाया
- नई सड़क मांग रहे थे, पेचवर्क पर हुए सहमत
सादुलशहर। स्टेट हाईवे 7 बी (सादुलशहर से श्रीगंगानगर) मार्ग का निर्माण कार्य पुन: शुरू करवाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक गुरजंट सिंह बराड़ के नेतृत्व में दिनभर के लिए शुरू किया गया धरना मात्र दो घंटे बाद ही उठा लिया गया। धरना शुरू करते समय नई सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग का ज्ञापन दिया गया था, लेकिन दोपहर के 12 बजते-बजते पेचवर्क पर सहमत होकर धरना उठा लिया गया।
इससे पहले पूर्व विधायक गुरजंट सिंह बराड़, गुरवीर सिंह बराड़, कुम्भाराम मेघवाल आदि के नेतृत्व में प्रशासन को दिये ज्ञापन में बताया गया कि भाजपा सरकार के समय बजट 2018 में सादुलशहर से श्रीगंगानगर सड़क मार्ग के जीर्णाेद्धार के लिए 47.34 करोड़ रुपये राशि स्वीकृत करवाई गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 22 सितम्बर 2018 को कार्यादेश जारी किये गये। इसके बाद तत्कालीन विधायक द्वारा सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। करीब 30 किलोमीटर सड़क की चौड़ाई बढ़ाते हुए मिट्टी और पत्थर डलवाये गये, परंतु वर्तमान सरकार ने राजनीतिक द्वेषता के चलते उक्त मार्ग पर निर्माण कार्य रुकवा दिया है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सादुलशहर से श्रीगंगानगर जाने के लिए उक्त एकमात्र सड़क मार्ग है। करीब 20 गांव सीधे तौर पर इससे प्रभावित हैं। सैकड़ों की संख्या में दुपहिया व चौपहिया वाहनों की आवाजाही इस मार्ग से रहती है। यह सड़क मार्ग पंजाब बॉर्डर से भी जुड़ा है। क्षतिग्रस्त मार्ग में गहरे गड्ढे हो गये हैं। उपखण्ड क्षेत्र सादुलशहर में बीमार व्यक्तियों का व गर्भवती महिलाओं को जिला मुख्यालय लेकर जाने में परेशानी होती है। ऐसे में सड़क निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू करवाया जाये।
बराड़ के नेतृत्व में धरने की जानकारी मिलते ही जिला मुख्यालय से सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी सादुलशहर पहुंच गये। अधिकारियों के साथ वार्ता में धरने का नेतृत्व करने वाले नेता पैचवर्क शुरू होने पर धरना उठाने के लिए शुरू हो गये। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने पूर्व विधायक बराड़ के समक्ष स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के समय केवल राशि मंजूर हुई थी, लेकिन विभाग को बजट उपलब्ध नहीं करवाया गया। विधानसभा चुनाव से पहले ठेकेदार ने इस सड़क पर जो काम किया है, उसका भुगतान भी नहीं हो पाया है। अब सरकार की ओर से बजट मिलते ही सड़क का काम करवाया जायेगा।
सादुलशहर। स्टेट हाईवे 7 बी (सादुलशहर से श्रीगंगानगर) मार्ग का निर्माण कार्य पुन: शुरू करवाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक गुरजंट सिंह बराड़ के नेतृत्व में दिनभर के लिए शुरू किया गया धरना मात्र दो घंटे बाद ही उठा लिया गया। धरना शुरू करते समय नई सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग का ज्ञापन दिया गया था, लेकिन दोपहर के 12 बजते-बजते पेचवर्क पर सहमत होकर धरना उठा लिया गया।
इससे पहले पूर्व विधायक गुरजंट सिंह बराड़, गुरवीर सिंह बराड़, कुम्भाराम मेघवाल आदि के नेतृत्व में प्रशासन को दिये ज्ञापन में बताया गया कि भाजपा सरकार के समय बजट 2018 में सादुलशहर से श्रीगंगानगर सड़क मार्ग के जीर्णाेद्धार के लिए 47.34 करोड़ रुपये राशि स्वीकृत करवाई गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 22 सितम्बर 2018 को कार्यादेश जारी किये गये। इसके बाद तत्कालीन विधायक द्वारा सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। करीब 30 किलोमीटर सड़क की चौड़ाई बढ़ाते हुए मिट्टी और पत्थर डलवाये गये, परंतु वर्तमान सरकार ने राजनीतिक द्वेषता के चलते उक्त मार्ग पर निर्माण कार्य रुकवा दिया है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सादुलशहर से श्रीगंगानगर जाने के लिए उक्त एकमात्र सड़क मार्ग है। करीब 20 गांव सीधे तौर पर इससे प्रभावित हैं। सैकड़ों की संख्या में दुपहिया व चौपहिया वाहनों की आवाजाही इस मार्ग से रहती है। यह सड़क मार्ग पंजाब बॉर्डर से भी जुड़ा है। क्षतिग्रस्त मार्ग में गहरे गड्ढे हो गये हैं। उपखण्ड क्षेत्र सादुलशहर में बीमार व्यक्तियों का व गर्भवती महिलाओं को जिला मुख्यालय लेकर जाने में परेशानी होती है। ऐसे में सड़क निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू करवाया जाये।
बराड़ के नेतृत्व में धरने की जानकारी मिलते ही जिला मुख्यालय से सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी सादुलशहर पहुंच गये। अधिकारियों के साथ वार्ता में धरने का नेतृत्व करने वाले नेता पैचवर्क शुरू होने पर धरना उठाने के लिए शुरू हो गये। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने पूर्व विधायक बराड़ के समक्ष स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के समय केवल राशि मंजूर हुई थी, लेकिन विभाग को बजट उपलब्ध नहीं करवाया गया। विधानसभा चुनाव से पहले ठेकेदार ने इस सड़क पर जो काम किया है, उसका भुगतान भी नहीं हो पाया है। अब सरकार की ओर से बजट मिलते ही सड़क का काम करवाया जायेगा।

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