आधार कार्ड से जोड़ेंगे ड्राइविंग लाइसेंस को, तीन हादसों के बाद लाइसेंस निरस्त
- परिवहन विभाग ने शुरू कर दी है कवायद
श्रीगंगानगर। अब ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। आधार कार्ड के जरिए परिवहन विभाग ड्राइवरों पर निगाह रखेगा। अगर किसी व्यक्ति ने ड्राइविंग के दौरान तीन बार दुर्घटनाओं को अंजाम दे दिया तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। यदि किसी हादसे के बाद व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जाता है तो वह फिर आसानी से लाइसेंस बनवा लेता हैं लेकिन आधार कार्ड से जुडऩे के बाद लगातार तीन बार दुर्घटना करने के बाद लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा, जिसे फिर से नहीं बनवाया जा सकेगा।
अभी तक तक पैन कार्ड और इनकम टैक्स फाइलिंग में आधार कार्ड जरूरी होता है। अब जल्द ही लाइसेंस को भी आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। इसके लिए रूपरेखा भी तैयार हो गई है। आने वाले दिनों में अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी। आधार कार्ड के ड्राइविंग लाइसेंस से जुडऩे के बाद परिवहन विभाग वाहन चालकों पर पैनी नजर रख सकेगा। समस्त डीएल आधार कार्ड से जुडऩे के बाद अगर कोई व्यक्ति लापरवाही से वाहन चलाकर तीन बार एक्सीडेंट करेगा तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसके बाद वह दूसरा लाइसेंस बनवाने की कितनी ही कोशिश कर ले लेकिन सफल नहीं हो पाएगा क्योंकि आवेदन करने पर संबंधित हादसों का विवरण ऑनलाइन नजर आएगा।
लाइसेंस आधार से लिंक होने पर वाहन चालक की सही पहचान तय की जा सकेगी। दुर्घटना के बाद भी चालक फिर तो एक नया लाइसेंस हासिल कर लेते हैं तो लिंकिंग के बाद वह ऐसा नहीं कर पाएगा।
आधार कार्ड से ड्राइविंग लाइसेंस को लिंक का सबसे अहम फायदा यह होगा कि लाइसेंस की डुप्लीकेसी नहीं हो पाएगी। दरअसल, कई लोग अपने ड्राइविंग लाइसेंस का डुप्लीकेट बनवा लेते हैं।
श्रीगंगानगर। अब ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। आधार कार्ड के जरिए परिवहन विभाग ड्राइवरों पर निगाह रखेगा। अगर किसी व्यक्ति ने ड्राइविंग के दौरान तीन बार दुर्घटनाओं को अंजाम दे दिया तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। यदि किसी हादसे के बाद व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जाता है तो वह फिर आसानी से लाइसेंस बनवा लेता हैं लेकिन आधार कार्ड से जुडऩे के बाद लगातार तीन बार दुर्घटना करने के बाद लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा, जिसे फिर से नहीं बनवाया जा सकेगा।
अभी तक तक पैन कार्ड और इनकम टैक्स फाइलिंग में आधार कार्ड जरूरी होता है। अब जल्द ही लाइसेंस को भी आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। इसके लिए रूपरेखा भी तैयार हो गई है। आने वाले दिनों में अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी। आधार कार्ड के ड्राइविंग लाइसेंस से जुडऩे के बाद परिवहन विभाग वाहन चालकों पर पैनी नजर रख सकेगा। समस्त डीएल आधार कार्ड से जुडऩे के बाद अगर कोई व्यक्ति लापरवाही से वाहन चलाकर तीन बार एक्सीडेंट करेगा तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसके बाद वह दूसरा लाइसेंस बनवाने की कितनी ही कोशिश कर ले लेकिन सफल नहीं हो पाएगा क्योंकि आवेदन करने पर संबंधित हादसों का विवरण ऑनलाइन नजर आएगा।
लाइसेंस आधार से लिंक होने पर वाहन चालक की सही पहचान तय की जा सकेगी। दुर्घटना के बाद भी चालक फिर तो एक नया लाइसेंस हासिल कर लेते हैं तो लिंकिंग के बाद वह ऐसा नहीं कर पाएगा।
आधार कार्ड से ड्राइविंग लाइसेंस को लिंक का सबसे अहम फायदा यह होगा कि लाइसेंस की डुप्लीकेसी नहीं हो पाएगी। दरअसल, कई लोग अपने ड्राइविंग लाइसेंस का डुप्लीकेट बनवा लेते हैं।

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