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माउंट एवरेस्ट की सफाई के दौरान मिले चार शव

- 11 टन कचरा भी मिला
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफाई के दौरान 11 टन कचरा और चार शव मिले हैं। ये सफाई नेपाल सरकार द्वारा एक अभियान के तहत करवाई गई। इस बात की जानकारी एक अधिकारी ने दी है।
चोटी से नीचे आने वाले पर्वतारोहियों का भी कहना है कि चोटी पर मानव मलमूत्र, टूटी हुई सीढिय़ां, केन और प्लास्टिक के पैकेट आदि पाए जाते हैं। इस अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कुछ कचरा काठमांडु भेज दिया गया है, ताकि उसे रिसाइकल किया जा सके। अधिकारी ने इस अभियान को सफल बताया और कहा कि कुछ कचरा अभी भी जमा करना बाकी है। ये कचरा बर्फ से ढका है और तापमान बढऩे के बाद ही नजर आता है।
अधिकारी अभी इस बात का पता नहीं लाग पाए हैं कि पर्वत पर अब भी कितनी मात्रा में कचरा मौजूद है। अधिकतर कचरा कैंप दो और तीन में है। ये वही कैंप हैं जो बेस कैंप और चोटी के बीच में पड़ते हैं और पर्वतारोही यहीं आराम करते हैं।
पर्यटन विभाग के निदेशक जनरल डांडु राज घिमिरे ने बताया कि 20 शेरपा पर्वतारोही वाली सफाई टीम ने अप्रैल से मई के बीच विभिन्न कैंप से 5 टन कचरा बरामद किया। बाकी का छह टन कचरा नीचे के क्षेत्र से मिला। कुछ कचरा खराब मौसम के चलते नीचे नहीं लाया जा सका, लेकिन उसे बैग में इक_ा किया गया था।
बर्फ पिघलने से चार शव दिखने लगे और उन्हें बेस कैंप तक लाया गया। इन शवों को पहचान के लिए काठमांडु के एक अस्पताल में ले जाया गया है। कई बार चोटी से नीचे आने में पर्वतारोहियों को दिक्कत आती है और वो अपनी टीम के मृत सदस्यों को नीचे नहीं ला पाते।
हाल ही में चोटी पर पहुंचने वाले लोगों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जिसके चलते यहां ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई है। नेपाली साइड में मई महीने में 9 पर्वतारोहियों की मौत हुई और दो कि तिब्बती साइड में मौत हुई।
साल 1953 के बाद से एवरेस्ट पर 300 पर्वतारोहियों की मौत हुई है। अभी भी ये साफ नहीं है कि कितने शव अब भी पर्वत पर मौजूद हैं। नेपाल ने इस साल 381 परमिट जारी किए हैं। जिसमें प्रत्येक की कीमत 11 हजार डॉलर है। यही इस देश की कमाई का मुख्य जरिया भी है।


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