प्रतिभाओं की नगरी में ओमायरा के कदम
- ओमायरा जी टीवी के धारावाहिक 'राजा बेटाÓ में माया नाम के करैक्टर का रोल अदा कर चुकी है। माया एक खलनायिका का पात्र था। इस नेगेटिव रोल में भी ओमायरा ने जान फूंक दी थी।
श्रीगंगानगर। प्रतिभाओं का शहर है, यहां की प्रतिभाओं ने देश-विदेश में नाम कमाया है। श्रीगंगानगर का नाम रोशन किया है। ऐसे लोगों ने फिल्म, साहित्य, गायन हास्य-व्यंग्य, जादू के क्षेत्र में नाम कमाया है। ऐसी ही एक प्रतिभा टीवी सीरियल और गानों में एक्टिंग के जरिए अपनी पहचान बना रही हैं।
ओमायरा यादव उस प्रतिभा का नाम है जो श्रीगंगानगर में जन्मी और पढ़ी-लिखी हैं। ओमायरा अपनी स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर टीवी धारावाहिकों में कार्य करने लगी हैं। पहले ही धारावाहिक में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी ओमायरा अब किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं। जिस तरह का रेस्पाँस उन्हें मिला है, उससे ओमायरा को विश्वास है कि शीघ्र ही उन्हें किसी धारावाहिक में लीड रोल मिलेगा।
ओमायरा ने हाल ही में हरियाणवीं सिंगर गुलजार चन्नीवाला के साथ एक हरियाणवी साँग किया है जिसके अब तक 2.7 मिलियन से अधिक व्यूअर्स हो चुके हैं। इसका बहुत अच्छा रेस्पाँस मिल रहा है।
ओमायरा के पिता राजवीर यादव राजस्थान पुलिस श्रीगंगानगर में कार्यरत हैं एवं मां कुशल गृहिणी हैं। अमायरा की स्कूली शिक्षा सूरतगढ़ मार्ग पर महियांवाली गांव के नवोदय विद्यालय में और बीएससी खालसा कॉलेज में की है।
ओमायरा बताती हैं कि इस फील्ड में आने के लिए उनकी मां खूब सपोट कर रही हैं। दरअसल उनकी मां का रुझान फिल्मों और धारावाहिकों में था। किन्हीं कारणों से वे उस क्षेत्र में खुद तो नहीं जा सकीं लेकिन अब ओमायरा के माध्यम से अपने ख्वाब पूरे कर रही हैं। ओमायरा अभी तक कई पंजाबी-हरियाणवी गानों के एलबम में एक्टिंग कर चुकी हैं। उनका पहला गाना 'आदत कवर साँगÓ भी किया था। उसके बाद गुलजार, यमराज, सारयां तो सोणी, झांझर, दुआवां, यू आर माइन और जिंदगी इत्यादि एलबम्स ने उन्हें काफी ख्याति दिलाई।
अपने एक भाई और एक बहन में सबसे बड़ी ओमायरा फिल्मों के बजाय टीवी धारावाहिकों में लीड रोल को प्राथमिकता देती हैं। जहां तक फिल्मों की बात है, अभी सोचा नहीं है। चांस मिलने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल तो टीवी धारावाहिक ही पहली पसंद हैं। ओमायरा खुद पर विश्वास रखती हैं और कहती हैं कि एक्टिंग में वे कभी मार नहीं खा सकतीं।
श्रीगंगानगर। प्रतिभाओं का शहर है, यहां की प्रतिभाओं ने देश-विदेश में नाम कमाया है। श्रीगंगानगर का नाम रोशन किया है। ऐसे लोगों ने फिल्म, साहित्य, गायन हास्य-व्यंग्य, जादू के क्षेत्र में नाम कमाया है। ऐसी ही एक प्रतिभा टीवी सीरियल और गानों में एक्टिंग के जरिए अपनी पहचान बना रही हैं।
ओमायरा यादव उस प्रतिभा का नाम है जो श्रीगंगानगर में जन्मी और पढ़ी-लिखी हैं। ओमायरा अपनी स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर टीवी धारावाहिकों में कार्य करने लगी हैं। पहले ही धारावाहिक में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी ओमायरा अब किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं। जिस तरह का रेस्पाँस उन्हें मिला है, उससे ओमायरा को विश्वास है कि शीघ्र ही उन्हें किसी धारावाहिक में लीड रोल मिलेगा।
ओमायरा ने हाल ही में हरियाणवीं सिंगर गुलजार चन्नीवाला के साथ एक हरियाणवी साँग किया है जिसके अब तक 2.7 मिलियन से अधिक व्यूअर्स हो चुके हैं। इसका बहुत अच्छा रेस्पाँस मिल रहा है।
ओमायरा के पिता राजवीर यादव राजस्थान पुलिस श्रीगंगानगर में कार्यरत हैं एवं मां कुशल गृहिणी हैं। अमायरा की स्कूली शिक्षा सूरतगढ़ मार्ग पर महियांवाली गांव के नवोदय विद्यालय में और बीएससी खालसा कॉलेज में की है।
ओमायरा बताती हैं कि इस फील्ड में आने के लिए उनकी मां खूब सपोट कर रही हैं। दरअसल उनकी मां का रुझान फिल्मों और धारावाहिकों में था। किन्हीं कारणों से वे उस क्षेत्र में खुद तो नहीं जा सकीं लेकिन अब ओमायरा के माध्यम से अपने ख्वाब पूरे कर रही हैं। ओमायरा अभी तक कई पंजाबी-हरियाणवी गानों के एलबम में एक्टिंग कर चुकी हैं। उनका पहला गाना 'आदत कवर साँगÓ भी किया था। उसके बाद गुलजार, यमराज, सारयां तो सोणी, झांझर, दुआवां, यू आर माइन और जिंदगी इत्यादि एलबम्स ने उन्हें काफी ख्याति दिलाई।
अपने एक भाई और एक बहन में सबसे बड़ी ओमायरा फिल्मों के बजाय टीवी धारावाहिकों में लीड रोल को प्राथमिकता देती हैं। जहां तक फिल्मों की बात है, अभी सोचा नहीं है। चांस मिलने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल तो टीवी धारावाहिक ही पहली पसंद हैं। ओमायरा खुद पर विश्वास रखती हैं और कहती हैं कि एक्टिंग में वे कभी मार नहीं खा सकतीं।

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