वायरल मैसेज से परेशान लीची पैदा कर रहे किसान
-कारोबार लडख़ड़ाया, मुंबई-दुबई से कम डिमांड
पठानकोट। लीची खाने से चमकी बुखार होने के वायरल मैसेज से पठानकोट के लीची काश्तकारों का भारी नुकसान हो रहा है। हालांकि सेहत विभाग, बागबानी विभाग और जिला प्रशासन ने ऐसे मैसेज को भ्रामक बताकर पठानकोट एरिया में पैदा हो रही लीची को सेफ बताया है। सीजन में 6 लाख क्विंटल लीची की काश्त करने वाले पठानकोट के काश्तकारों को पहले के मुकाबले ग्राहक कम मिल रहे हैं। मामला सेहत विभाग और बागबानी उच्चाधिकारियों के सामने पहुंचा तो उन्होंने बाकायदा प्रेस नोट जारी कर लीची को सेहत के लिए फायदेमंद बताया है। सेहत विभाग ने दावा किया कि पठानकोट में लीची से होने वाली कोई भी बीमारी सामने नहीं आई है।
पठानकोट। लीची खाने से चमकी बुखार होने के वायरल मैसेज से पठानकोट के लीची काश्तकारों का भारी नुकसान हो रहा है। हालांकि सेहत विभाग, बागबानी विभाग और जिला प्रशासन ने ऐसे मैसेज को भ्रामक बताकर पठानकोट एरिया में पैदा हो रही लीची को सेफ बताया है। सीजन में 6 लाख क्विंटल लीची की काश्त करने वाले पठानकोट के काश्तकारों को पहले के मुकाबले ग्राहक कम मिल रहे हैं। मामला सेहत विभाग और बागबानी उच्चाधिकारियों के सामने पहुंचा तो उन्होंने बाकायदा प्रेस नोट जारी कर लीची को सेहत के लिए फायदेमंद बताया है। सेहत विभाग ने दावा किया कि पठानकोट में लीची से होने वाली कोई भी बीमारी सामने नहीं आई है।

No comments