Breaking News

छत्तीसगढ़ की युवतियों को दिल्ली में बेचा श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ से दोनों बरामद

छत्तीसगढ़ पुलिस पिछले दिनों आई थी श्रीगंगानगर
दोनों युवतियां डॉक्टरों के पास थी नौकरानी
श्रीगंगानगर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से दो बहनों सहित 3 युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली में बेच दिया गया। इनमें से एक युवती तो परिचित के साथ घर लौट आई, लेकिन दोनों बहनों को बंधक बना लिया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस ने दोनों युवतियों को खोज निकाला और श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ में चिकित्सकों के यहां से बरामद कर लिया। यह मुकदमा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ था।
जांच अधिकारी एसआई रश्मि ने एसबीटी को बताया कि इस मामले में तीसरा आरोपी अशोक कुमार मध्यप्रदेश की जेल में बंद है। उसे प्रोडक्शन वारंट पर हासिल किया जायेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सुरजपुर जिले के कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में प्रेमनगर के कंचनपुर गांव निवासी राजेश्वरी कुजूर, दो बहनों सोनिया व उसकी छोटी बहन के साथ सूरजपुर से लगे चंद्रपुर गांव में किराये पर रहती थीं। उनका फरवरी में पलड़ा प्रतापपुर गांव में रहने वाले रामसेवक टोप्पो से संपर्क हुआ। परिचय बढऩे पर आरोप है कि एक दिन रामसेवक ने उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया और सभी को अपने साथ दिल्ली ले गया।
दिल्ली में अपने गिरोह के लोगों से सम्पर्क करके तीनों को बेच दिया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन बाद तबीयत बिगडऩे पर रामेश्वरी तो वापस आ गई, लेकिन सोनिया व उसकी बहन नहीं आई। इसी बीच एक घर में घरेलू नौकरानी का काम देखने वाली एक बहन ने फोन कर परिजनों को खुद के बंधक होने की बात बताई। उसने कहा कि घरेलू काम के नाम पर उन्हें प्रताडि़त किया जाता है और घर आने नहीं दे रहे हैं। इस पर परिजन रामसेवक के पास गए तो उसने दुत्कार कर भगा दिया। इस पर परिजनों ने रामसेवक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी जीएस जायसवाल के निर्देशन में कोतवाली टीआई उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
इस टीम में एसआई रश्मि को शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि रामसेवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने झारखंड के लातेहार निवाही नान्हू कुमार के पास राजस्थान में होने की बात बताई। इस पर पुलिस नान्हू कुमार की निशानदेही पर श्रीगंगानगर में शिव चौक के निकट एक डॉक्टर के यहां से एक युवती को बरामद कर लिया। डॉक्टर ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि युवती को बेचा गया है। उन्होंने तो किसी से कॉन्टेक्ट बेस पर इस युवती को घरेलू नौकर रखा हुआ था।
एसआई रश्मि ने बताय कि युवती को बरामद करने के बाद दूसरी युवती के हनुमानगढ़ में होने की जानकारी मिली। इस पर हनुमानगढ़ में एक निजी हॉस्पीटल में दबिश देकर दूसरी युवती को भी बरामद कर लिया गया है। दोनों युवतियों को बरामद करने के बाद वह छत्तीसगढ़ के अपने थाने में पहुंच चुकी हैं। युवतियों के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।  युवतियों को बेचने के इस मामले में मुख्य आरोपी अभी तक फरार है। जिस रामसेवक को गिरफ्तार किया गया है। वह केवल युवतियों को बहला फुसला कर ठिकाने तक पहुंचाने का काम करता है।

No comments