आतंकियों के मददगारों को जिम्मेदार ठहराना जरूरी : मोदी
- एससीओ समिट में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने की मांग उठाई
बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित एससीओ समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर इशारों में निशाना साधा। उन्होंने इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने की भी मांग की। पीएम ने मध्य एशिया में चाबहार पोर्ट और अश्काबाद व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि व्यापार के साथ हम पीपुल टू पीपुल कनेक्टिविटी को भी बढ़ा रहे हैं। उसके लिए आतंकियों के मददगारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई जरूरी है।
अफगानिस्तान का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस देश में शांति और स्थिरता बहुत जरूरी है और इस दिशा में एससीओ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एससीओ देशों में बेहतर कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। भारत एससीओ सदस्य देशों के बीच आर्थिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत अक्षय ऊर्जा का छह और सौर ऊर्जा का पांचवां सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला देश है। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एससीओ देशों के लोगों के लिए हेल्पलाइन शुरू होगी।
पीएम मोदी ने आतंंकवाद से निपटने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने श्रीलंका में सबने आतंक का घिनौना चेहरा देखा। समाज को आतंक से मुक्त करना जरूरी है। इसके लिए सभी मानवतावादी ताकतें एक हों। आतंक से सभी देश मिलकर लड़ें। आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने फंडिंग करने वाले देशों को जिम्मेदार बताया। समिट के दूसरे दिन फोटो सेशन के समय पीएम मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से दूरी बनाए रखी। इससे पहले गुरुवार को आयोजित रात्रिभोज में भी पीएम मोदी ने इमरान को भाव नहीं दिया।
भारत ने पहले ही साफ कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकता।
वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने बिश्केक में फिर भारत से बातचीत करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भारत और पाक के बीच में बातचीत जरूरी है। इमरान ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भी अपनी पीठ थपथपाई।
बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित एससीओ समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर इशारों में निशाना साधा। उन्होंने इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने की भी मांग की। पीएम ने मध्य एशिया में चाबहार पोर्ट और अश्काबाद व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि व्यापार के साथ हम पीपुल टू पीपुल कनेक्टिविटी को भी बढ़ा रहे हैं। उसके लिए आतंकियों के मददगारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई जरूरी है।
अफगानिस्तान का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस देश में शांति और स्थिरता बहुत जरूरी है और इस दिशा में एससीओ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एससीओ देशों में बेहतर कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। भारत एससीओ सदस्य देशों के बीच आर्थिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत अक्षय ऊर्जा का छह और सौर ऊर्जा का पांचवां सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला देश है। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एससीओ देशों के लोगों के लिए हेल्पलाइन शुरू होगी।
पीएम मोदी ने आतंंकवाद से निपटने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने श्रीलंका में सबने आतंक का घिनौना चेहरा देखा। समाज को आतंक से मुक्त करना जरूरी है। इसके लिए सभी मानवतावादी ताकतें एक हों। आतंक से सभी देश मिलकर लड़ें। आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने फंडिंग करने वाले देशों को जिम्मेदार बताया। समिट के दूसरे दिन फोटो सेशन के समय पीएम मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से दूरी बनाए रखी। इससे पहले गुरुवार को आयोजित रात्रिभोज में भी पीएम मोदी ने इमरान को भाव नहीं दिया।
भारत ने पहले ही साफ कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकता।
वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने बिश्केक में फिर भारत से बातचीत करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भारत और पाक के बीच में बातचीत जरूरी है। इमरान ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भी अपनी पीठ थपथपाई।

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