तीन बेटियों के पिता ने सेल्फॉस निगल कर दी जान
- फायनेंशरों के खिलाफ दिया परिवाद
पदमपुर। वार्ड नम्बर 11 में किराये के मकान में रहने वाले एक व्यक्ति ने बीती रात सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक तीन बेटियां का पिता था। फायनेंशरों से तंग आकर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। पुलिस ने शव को सरकारी अस्पताल में पहुंचाया है। वहां पोस्टमार्टम चल रहा है। मृतक के बहनोई ने तीन फायनेंशरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए परिवाद दिया है।
हवलदार चतरूराम ने बताया कि मृतक 37 वर्षीय मुखविन्द्र सिंह उर्फ मंगा पुत्र सरजीत सिंह निवासी 8 डीडी था। मुखविन्द्र सिंह के तीन बेटियां है। वह पदमपुर में वार्ड नम्बर 11 में किराये के मकान में रहने लगा। पत्नी पीहर में थी। मुखविन्द्र सिंह कल से किसी का फोन रिसीव नहीं कर रहा था। ऐसे में कोई अनहोनी की आशंका के चलते मुखविन्द्र का बहनोई हरनेक सिंह रामगढिय़ा निवासी फूसेवाला आज उसके मकान में पहुंचा। भीतर जाकर देखा, तो मुखविन्द्र मृत अवस्था में पड़ा था। पास में सल्फास की खाली डिब्बी पड़ी थी। सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और शव को सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार हरनेक सिंह ने परिवाद दिया है कि मुखविन्द्र ङ्क्षसह अक्सर अपनी पत्नी, पिता व बहन को फोन पर बताता था कि फायनेंसर गोपाल धींगड़ा निवासी पदमपुर, जसपाल पुत्र जोगेन्द्र सिंह निवासी 25 एनपी व राजेन्द्र सिंह उसे प्रताडि़त करते थे। मुखविन्द्र सिंह ने जसपाल सिंह से एक गाड़ी खरीदी थी। इसके बदले में अढ़ाई लाख रुपए दिए थे, लेकिन जसपाल सिंह ने उसे फायनेंस की गाड़ी का नो ड्यूज लाकर नहीं दिया। रुपयों के लेनदेन को लेकर राजेन्द्र सिंह व जसपाल सिंह कई जनों को लेकर उससे गाड़ी छीनने आता था। हरनेक सिंह ने आरोप लगाया कि तीनों आरोपियों से परेशान होकर मुखविन्द्र सिंह ने आत्महत्या की है।
पदमपुर। वार्ड नम्बर 11 में किराये के मकान में रहने वाले एक व्यक्ति ने बीती रात सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक तीन बेटियां का पिता था। फायनेंशरों से तंग आकर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। पुलिस ने शव को सरकारी अस्पताल में पहुंचाया है। वहां पोस्टमार्टम चल रहा है। मृतक के बहनोई ने तीन फायनेंशरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए परिवाद दिया है।
हवलदार चतरूराम ने बताया कि मृतक 37 वर्षीय मुखविन्द्र सिंह उर्फ मंगा पुत्र सरजीत सिंह निवासी 8 डीडी था। मुखविन्द्र सिंह के तीन बेटियां है। वह पदमपुर में वार्ड नम्बर 11 में किराये के मकान में रहने लगा। पत्नी पीहर में थी। मुखविन्द्र सिंह कल से किसी का फोन रिसीव नहीं कर रहा था। ऐसे में कोई अनहोनी की आशंका के चलते मुखविन्द्र का बहनोई हरनेक सिंह रामगढिय़ा निवासी फूसेवाला आज उसके मकान में पहुंचा। भीतर जाकर देखा, तो मुखविन्द्र मृत अवस्था में पड़ा था। पास में सल्फास की खाली डिब्बी पड़ी थी। सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और शव को सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार हरनेक सिंह ने परिवाद दिया है कि मुखविन्द्र ङ्क्षसह अक्सर अपनी पत्नी, पिता व बहन को फोन पर बताता था कि फायनेंसर गोपाल धींगड़ा निवासी पदमपुर, जसपाल पुत्र जोगेन्द्र सिंह निवासी 25 एनपी व राजेन्द्र सिंह उसे प्रताडि़त करते थे। मुखविन्द्र सिंह ने जसपाल सिंह से एक गाड़ी खरीदी थी। इसके बदले में अढ़ाई लाख रुपए दिए थे, लेकिन जसपाल सिंह ने उसे फायनेंस की गाड़ी का नो ड्यूज लाकर नहीं दिया। रुपयों के लेनदेन को लेकर राजेन्द्र सिंह व जसपाल सिंह कई जनों को लेकर उससे गाड़ी छीनने आता था। हरनेक सिंह ने आरोप लगाया कि तीनों आरोपियों से परेशान होकर मुखविन्द्र सिंह ने आत्महत्या की है।

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