'लाल पर्चीÓ को लेकर व्यापारी हुए 'लाल-पीलेÓ
- ज्यादा दाम वसूलने पर जताई नाराजगी
श्रीगंगानगर। जिला मुख्यालय स्थित नई धानमंडी में 'लाल पर्चीÓ को लेकर मंडी व्यापारी 'लाल-पीलेÓ हो गए हैं। श्रीगंगानगर कृषि (अनाज) मंडी समिति के 'लाल पर्चीÓ की एवज में पहले से ज्यादा दाम वसूलने पर इन व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। व्यापारियों ने बढ़ी हुई राशि की बजाय पहले वाली राशि लेने की मांग की है।
व्यापार संघ के महामंत्री ओमप्रकाश गर्ग ने बताया कि श्रीगंगानगर कृषि (अनाज) मंडी समिति की ओर से 'लाल पर्चीÓ यानी विक्रय पर्ची पेटे मंडी व्यापारियों से ज्यादा राशि वसूली जा रही है। साठ-पैंसठ रुपए वाली विक्रय पर्ची बुक के अब मंडी समिति 92 रुपए वसूल रही है। निर्धारित मूल्य से यह राशि ज्यादा है। कच्चा आढ़तिया संघ अध्यक्ष राजकुमार बंसल ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अनाज मंडी समिति वाले विक्रय पर्ची की एवज में 92 रुपए ले रहे हैं। सम्पर्क करने पर मंडी समिति अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी लागू होने की वजह से कागज महंगा हो गया है। इसके चलते विक्रय पर्ची के दाम बढ़े हैं। मंडी समिति सरकारी प्रेस से लाल पर्चियों की छपाई करवाती है। पहले इनकी छपाई में लागत कम आती थी, इसलिए मंडी व्यापारियोंं से 60-65 रुपए लिए जाते थे। जीएसटी लागू होने के बाद कागज के दाम बढ़ गए हैं, इसलिए लाल पर्ची बुक की एवज में व्यापारियों से 92 रुपए लिए जा रहे हैं। फिर भी मंडी समिति नो प्रोफिट-नो लॉस के आधार पर राशि ले रही है।
उल्लेखनीय है कि मंडी समिति के व्यापारियों से लिए जाने वाले मंडी शुल्क की प्राप्ति इसी लाल विक्रय पर्र्ची से होती है। विक्रय पर्ची के दाम बढऩे पर दी गंगानगर टे्रडर्स एसोसिएशन ने श्रीगंगानगर कृषि (अनाज) मंडी समिति को पत्र लिखकर विक्रय पर्ची छपवाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन मंडी प्रशासन से ऐसा करने से इनकार कर दिया।
श्रीगंगानगर। जिला मुख्यालय स्थित नई धानमंडी में 'लाल पर्चीÓ को लेकर मंडी व्यापारी 'लाल-पीलेÓ हो गए हैं। श्रीगंगानगर कृषि (अनाज) मंडी समिति के 'लाल पर्चीÓ की एवज में पहले से ज्यादा दाम वसूलने पर इन व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। व्यापारियों ने बढ़ी हुई राशि की बजाय पहले वाली राशि लेने की मांग की है।
व्यापार संघ के महामंत्री ओमप्रकाश गर्ग ने बताया कि श्रीगंगानगर कृषि (अनाज) मंडी समिति की ओर से 'लाल पर्चीÓ यानी विक्रय पर्ची पेटे मंडी व्यापारियों से ज्यादा राशि वसूली जा रही है। साठ-पैंसठ रुपए वाली विक्रय पर्ची बुक के अब मंडी समिति 92 रुपए वसूल रही है। निर्धारित मूल्य से यह राशि ज्यादा है। कच्चा आढ़तिया संघ अध्यक्ष राजकुमार बंसल ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अनाज मंडी समिति वाले विक्रय पर्ची की एवज में 92 रुपए ले रहे हैं। सम्पर्क करने पर मंडी समिति अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी लागू होने की वजह से कागज महंगा हो गया है। इसके चलते विक्रय पर्ची के दाम बढ़े हैं। मंडी समिति सरकारी प्रेस से लाल पर्चियों की छपाई करवाती है। पहले इनकी छपाई में लागत कम आती थी, इसलिए मंडी व्यापारियोंं से 60-65 रुपए लिए जाते थे। जीएसटी लागू होने के बाद कागज के दाम बढ़ गए हैं, इसलिए लाल पर्ची बुक की एवज में व्यापारियों से 92 रुपए लिए जा रहे हैं। फिर भी मंडी समिति नो प्रोफिट-नो लॉस के आधार पर राशि ले रही है।
उल्लेखनीय है कि मंडी समिति के व्यापारियों से लिए जाने वाले मंडी शुल्क की प्राप्ति इसी लाल विक्रय पर्र्ची से होती है। विक्रय पर्ची के दाम बढऩे पर दी गंगानगर टे्रडर्स एसोसिएशन ने श्रीगंगानगर कृषि (अनाज) मंडी समिति को पत्र लिखकर विक्रय पर्ची छपवाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन मंडी प्रशासन से ऐसा करने से इनकार कर दिया।

No comments