आरक्षण से दाखिले पर सीनियर मारती थीं ताने
-तंग होकर जूनियर महिला डॉक्टर ने की खुदकुशी
मुंबई। बीवाईएल नायर अस्पताल से गायनोकोलॉजी (स्त्रीरोग) की पढ़ाई करने वाली दूसरे वर्ष की छात्रा पायल तडवी ने आत्मत्या कर ली। उसकी मां ने दावा किया है कि उन्होंने बेटी के उत्पीडऩ के बारे में अस्पताल के डीन को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने तीन वरिष्ठ मेडिकल छात्राओं पर बेटी का शोषण करने का आरोप लगाते हुए उन्हें बेटी की मौत का जिम्मेदार बताया है। हालांकि डीन ने ऐसे किसी भी पत्र के मिलने से इनकार किया है। बुधवार को तडवी का शव हॉस्टल के कमरे के पंखे पर लटका हुआ मिला। गुरुवार को अग्रीपाडा पुलिस ने तीन छात्राओं के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। मृतका के परिवार का दावा है कि छोटी जाति से होने के कारण उसका शोषण किया जाता था। उसे आरक्षण के तहत मेडिकल सीट पाने की वजह से ताने मारे जाते थे। पुलिस ने डॉक्टर हेमा आहूजा, डॉक्टर भक्ति मेहर और डॉक्टर अंकिता खानदिलवाल के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम, एंटी रैगिंग अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मुंबई। बीवाईएल नायर अस्पताल से गायनोकोलॉजी (स्त्रीरोग) की पढ़ाई करने वाली दूसरे वर्ष की छात्रा पायल तडवी ने आत्मत्या कर ली। उसकी मां ने दावा किया है कि उन्होंने बेटी के उत्पीडऩ के बारे में अस्पताल के डीन को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने तीन वरिष्ठ मेडिकल छात्राओं पर बेटी का शोषण करने का आरोप लगाते हुए उन्हें बेटी की मौत का जिम्मेदार बताया है। हालांकि डीन ने ऐसे किसी भी पत्र के मिलने से इनकार किया है। बुधवार को तडवी का शव हॉस्टल के कमरे के पंखे पर लटका हुआ मिला। गुरुवार को अग्रीपाडा पुलिस ने तीन छात्राओं के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। मृतका के परिवार का दावा है कि छोटी जाति से होने के कारण उसका शोषण किया जाता था। उसे आरक्षण के तहत मेडिकल सीट पाने की वजह से ताने मारे जाते थे। पुलिस ने डॉक्टर हेमा आहूजा, डॉक्टर भक्ति मेहर और डॉक्टर अंकिता खानदिलवाल के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम, एंटी रैगिंग अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
No comments