मुकदमे की जांच में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसएचओ पर मुकदमा दर्ज
हनुमानगढ़। खुईयां पुलिस थाना के एसएचओ रहे एसआई सुरेश मील व एक सिपाही पर इसी पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि नोहर जेल के प्रहरी पर जानलेवा हमला होने के बाद पुलिस ने जांच में ढिलाही बरती। मृतक के भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। प्रकरण की जांच राजगढ़ के एएसपी को सौंपी गई है।
पुलिस के अनुसार मृतक जेल प्रहरी सुखदास स्वामी के भाई जगराम स्वामी निवासी खुईयां ने रिपोर्ट दी कि सुखदास स्वामी नोहर जेल में प्रहरी था। वह ड्यूटी के बाद अपने घर आ रहा था। इसी दौरान आधा दर्जन युवकों ने उस पर हमला कर दिया। सुखदास स्वामी के पर्चा बयान पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी एसआई सुरेश मील व सिपाही सुभाष मीणा ने जांच में लापरवाही बरती।
आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। इसी बीच गत दिवस उसके भाई सुखदास स्वामी की मौत हो गई।
गौरतलब है कि खुईयां पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया । उधर सुखदास स्वामी को बीकानेर के पीबीएम से छुट्टी दे दी गई।
वह घर में आराम कर रहा था कि गत दिवस सुखदास स्वामी की मौत होने पर परिजनों व ग्रामीणों ने नोहर पुलिस थाना के समक्ष शव रख कर आरोपियों की गिरफ्तारी करने व पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इस मामले में दबाव में आये पुलिस कप्तान कालूराम रावत ने खुईयां थानाधिकारी पूरे थाने के स्टाफ को हटा दिया था।
पुलिस के अनुसार मृतक जेल प्रहरी सुखदास स्वामी के भाई जगराम स्वामी निवासी खुईयां ने रिपोर्ट दी कि सुखदास स्वामी नोहर जेल में प्रहरी था। वह ड्यूटी के बाद अपने घर आ रहा था। इसी दौरान आधा दर्जन युवकों ने उस पर हमला कर दिया। सुखदास स्वामी के पर्चा बयान पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी एसआई सुरेश मील व सिपाही सुभाष मीणा ने जांच में लापरवाही बरती।
आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। इसी बीच गत दिवस उसके भाई सुखदास स्वामी की मौत हो गई।
गौरतलब है कि खुईयां पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया । उधर सुखदास स्वामी को बीकानेर के पीबीएम से छुट्टी दे दी गई।
वह घर में आराम कर रहा था कि गत दिवस सुखदास स्वामी की मौत होने पर परिजनों व ग्रामीणों ने नोहर पुलिस थाना के समक्ष शव रख कर आरोपियों की गिरफ्तारी करने व पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इस मामले में दबाव में आये पुलिस कप्तान कालूराम रावत ने खुईयां थानाधिकारी पूरे थाने के स्टाफ को हटा दिया था।

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