जब कलक्ट्रेट से ही नहीं उठता कचरा, शहर की तो बात ही छोडि़ए
श्रीगंगानगर। जब जिला कलक्टरी से ही कचरे का उठाव नहीं हो रहा। वहां रखे कचरा पात्र कुड़े से भरे हुए हैं और आस-पास कचरा फैला हुआ है तो, बाकी शहर से कचरा उठाव और सफाई की बात ही छोड़ देनी चाहिए।
जिला कलक्टर प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक में नगर परिषद के अधिकारियों को सफाई व्यवस्था बनाए रखने और जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश देते रहते हैं।
इसके बावजूद कलक्ट्रेट परिसर में ही कचरे के ढेर लगे हैं। कचरा पात्र कचरे से भरे हुए हैं। आस-पास कचरा फैला रहता है। ऐसा ही कलक्ट्रेट के कोर्ट के सामने वाले गेट के बाहर कचरे का ढेर लगा है। पुराना चिकित्सालय के पास भी ऐसी ही स्थिति है। नगर परिषद प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसे हालात हुए पड़े हैं। जिला कलक्टर व नगर परिषद सभापति सफाई व्यवस्था को लेकर चाहे जितने दिशानिर्देश दें, नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी इन निर्देशों को भी इसी कचरे के ढेर में डाल रहे हैं।
जिला कलक्टर प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक में नगर परिषद के अधिकारियों को सफाई व्यवस्था बनाए रखने और जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश देते रहते हैं।
इसके बावजूद कलक्ट्रेट परिसर में ही कचरे के ढेर लगे हैं। कचरा पात्र कचरे से भरे हुए हैं। आस-पास कचरा फैला रहता है। ऐसा ही कलक्ट्रेट के कोर्ट के सामने वाले गेट के बाहर कचरे का ढेर लगा है। पुराना चिकित्सालय के पास भी ऐसी ही स्थिति है। नगर परिषद प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसे हालात हुए पड़े हैं। जिला कलक्टर व नगर परिषद सभापति सफाई व्यवस्था को लेकर चाहे जितने दिशानिर्देश दें, नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी इन निर्देशों को भी इसी कचरे के ढेर में डाल रहे हैं।

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