खुद हुए 'अपनेÓ अब 'अपनोंÓ को लाने की कवायद
- कांगे्रस-भाजपा से जुडऩे का एक चरण पूरा
श्रीगंगानगर। लोकसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। जैसे-जैसे मतदान का दिन छह मई नजदीक आएगा, वैसे-वैसे चुनावी तापमापी का पारा बढ़ता जाएगा। देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा में अपने प्रत्याशी को जितवाने के लिए हर संभव जतन किए जा रहे हैं। इस कड़ी में कांग्रेस एवं भाजपा में नाराज पार्टी जनों तथा अन्य दलों में महत्व रखने वालों को खुद की पार्टी में शामिल करने का एक चरण पूरा हो गया है। जो इनमें शामिल हुए हैं, अब उनमें से अधिकांश की कोशिश है कि उनके कुछ नजदीकियों को भी पूरे मान-सम्मान से पार्टी में एंट्री करवाई जाए। इस काम को ये यथाशीघ्र करना चाहते हैं और कोशिश यही है कि लोकसभा चुनाव संबंधी किसी बड़ी सभा में ऐसा हो जाए।
कांग्रेस प्रत्याशी मास्टर भरतराम मेघवाल के समर्थन में हुई जन सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की मौजूदगी में अनेक लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। इनमें ज्यादातर वे थे, जो पुराने कांग्रेसी थे लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने या अन्य किसी कारण से अलग हो गए थे। ऐसा ही गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की सभा में हुआ। पार्टी के उम्मीदवार निहालचंद मेघवाल के पक्ष में रखी गई इस सभा में भी अनेक जनों ने भाजपा का दामन फिर थामा।
राजनीति के जानकारों के अनुसार श्रीगंगानगर संसदीय क्षेत्र में जुड़े जो नेता ताजा-ताजा कांग्रेस या भाजपा में आए है, उनमें से अधिकांश की महत्वाकांक्षा जग जाहिर है। ऐसे में यह माना जा रहा कि लोकसभा चुनाव के बाद वे लोग लगभग पांच साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी टिकट की दावेदारी के लिए अभी से 'सक्रियÓ हो जाएंगे। इन लोगों का अपना कद है, वरिष्ठ नेताओं से कइयों की नजदीकियां हैं। ये लोग भी पार्टी संगठन में पद और कार्यक्रमों में महत्व बढ़ाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।
पर्चों की जांच का काम-
20 अप्रेल
पर्चा उठा सकते हैं-
22 अप्रेल
मतदान- 6 मई
मतगणना- 23 मई
श्रीगंगानगर। लोकसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। जैसे-जैसे मतदान का दिन छह मई नजदीक आएगा, वैसे-वैसे चुनावी तापमापी का पारा बढ़ता जाएगा। देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा में अपने प्रत्याशी को जितवाने के लिए हर संभव जतन किए जा रहे हैं। इस कड़ी में कांग्रेस एवं भाजपा में नाराज पार्टी जनों तथा अन्य दलों में महत्व रखने वालों को खुद की पार्टी में शामिल करने का एक चरण पूरा हो गया है। जो इनमें शामिल हुए हैं, अब उनमें से अधिकांश की कोशिश है कि उनके कुछ नजदीकियों को भी पूरे मान-सम्मान से पार्टी में एंट्री करवाई जाए। इस काम को ये यथाशीघ्र करना चाहते हैं और कोशिश यही है कि लोकसभा चुनाव संबंधी किसी बड़ी सभा में ऐसा हो जाए।
कांग्रेस प्रत्याशी मास्टर भरतराम मेघवाल के समर्थन में हुई जन सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की मौजूदगी में अनेक लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। इनमें ज्यादातर वे थे, जो पुराने कांग्रेसी थे लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने या अन्य किसी कारण से अलग हो गए थे। ऐसा ही गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की सभा में हुआ। पार्टी के उम्मीदवार निहालचंद मेघवाल के पक्ष में रखी गई इस सभा में भी अनेक जनों ने भाजपा का दामन फिर थामा।
राजनीति के जानकारों के अनुसार श्रीगंगानगर संसदीय क्षेत्र में जुड़े जो नेता ताजा-ताजा कांग्रेस या भाजपा में आए है, उनमें से अधिकांश की महत्वाकांक्षा जग जाहिर है। ऐसे में यह माना जा रहा कि लोकसभा चुनाव के बाद वे लोग लगभग पांच साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी टिकट की दावेदारी के लिए अभी से 'सक्रियÓ हो जाएंगे। इन लोगों का अपना कद है, वरिष्ठ नेताओं से कइयों की नजदीकियां हैं। ये लोग भी पार्टी संगठन में पद और कार्यक्रमों में महत्व बढ़ाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।
पर्चों की जांच का काम-
20 अप्रेल
पर्चा उठा सकते हैं-
22 अप्रेल
मतदान- 6 मई
मतगणना- 23 मई

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