छोटे से गांव के किसान का बेटा बना आईएएस
- यूपीएससी 2018 का परिणाम घोषित
श्रीगंगानगर। प्रतिभा उम्र और स्थान की मोहताज नहीं होती। उच्च पदों पर बड़े शहरों के लोग ही नहीं पहुंचते छोटे से गांव की प्रतिभाएं भी कम नहीं होतीं। शिक्षा हो या खेलकूद का क्षेत्र कई ऐसे उदाहरण हमारे सामने पेश हुए है। श्रीगंगानगर जिले के एक युवक ने यूपीएससी 2018 की परीक्षा में सबका ध्यान आकर्षित किया है।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के श्रीबिजयनगर कस्बे के छोटे से गांव 3 डीएएम के युवक रवि सिहाग ने 337वां रैंक प्राप्त कर सबको चौंकाया है। रवि सिहाग ने यह उपलब्धि प्राप्त कर अपने गांव एवं अपने परिवार जनों का नाम रोशन किया है। खास बात ये रही कि रवि ने फस्र्ट अटेम्प्ट में कड़ी मेहनत से परीक्षा उत्तीर्ण की है। रवि ने दिल्ली से ही इस परीक्षा की तैयारी की। वे करीब एक-डेढ साल से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। परीक्षा परिणाम घोषित ही उन्हें मेहनत का फल मिल गया।
उल्लेखनीय है कि रवि के पिता किसान हंै, जिन्होने कड़ी मेहनत कर उन्हें पढ़ाया है। तीन बहनें भी हैं। घर में सबसे छोटे वही हैं। इन्होंने अपनी प्रारंभिक परीक्षा अपने गांव से ही की और बीए अनूपगढ़ के शारदा कॉलेज से की। सिविल सेवा परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सलाह देते हुए रवि ने कहा कि एकाग्रचित्त और लक्ष्य को साधकर कड़ी मेहनत करें। रिवीजन करते रहें तो सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
संघ लोक सेवा आयोग ने बीती शुक्रवार रात को सिविल सेवा परीक्षा 2018 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। रवि के गांव में खुशी का माहौल है। उनके घर में मिठाइयां बांटी जा रही हैं। बहनें नाच-गा रही हैं। उनके पिता रामकुमार सिहाग ने बताया कि आज मेरी खुशी का ठिकाना नहीं। बच्चे ने हमारा नाम रोशन कर दिया है।
रवि की बड़ी बहन कोमल रायसिंहनगर के गांव 7पीएस में कृषि पर्यवेक्षक है। उनका कहना है कि रवि शुरू से ही इंटेलीजेंट रहा है। वह आठवीं और बाहरवीं में मेरिट में आया। उसने पढाई खूब मेहनत से की है, लेकिन फ्री मांइड होकर। वह फिल्मों का शौकीन है।
श्रीगंगानगर। प्रतिभा उम्र और स्थान की मोहताज नहीं होती। उच्च पदों पर बड़े शहरों के लोग ही नहीं पहुंचते छोटे से गांव की प्रतिभाएं भी कम नहीं होतीं। शिक्षा हो या खेलकूद का क्षेत्र कई ऐसे उदाहरण हमारे सामने पेश हुए है। श्रीगंगानगर जिले के एक युवक ने यूपीएससी 2018 की परीक्षा में सबका ध्यान आकर्षित किया है।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के श्रीबिजयनगर कस्बे के छोटे से गांव 3 डीएएम के युवक रवि सिहाग ने 337वां रैंक प्राप्त कर सबको चौंकाया है। रवि सिहाग ने यह उपलब्धि प्राप्त कर अपने गांव एवं अपने परिवार जनों का नाम रोशन किया है। खास बात ये रही कि रवि ने फस्र्ट अटेम्प्ट में कड़ी मेहनत से परीक्षा उत्तीर्ण की है। रवि ने दिल्ली से ही इस परीक्षा की तैयारी की। वे करीब एक-डेढ साल से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। परीक्षा परिणाम घोषित ही उन्हें मेहनत का फल मिल गया।
उल्लेखनीय है कि रवि के पिता किसान हंै, जिन्होने कड़ी मेहनत कर उन्हें पढ़ाया है। तीन बहनें भी हैं। घर में सबसे छोटे वही हैं। इन्होंने अपनी प्रारंभिक परीक्षा अपने गांव से ही की और बीए अनूपगढ़ के शारदा कॉलेज से की। सिविल सेवा परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सलाह देते हुए रवि ने कहा कि एकाग्रचित्त और लक्ष्य को साधकर कड़ी मेहनत करें। रिवीजन करते रहें तो सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
संघ लोक सेवा आयोग ने बीती शुक्रवार रात को सिविल सेवा परीक्षा 2018 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। रवि के गांव में खुशी का माहौल है। उनके घर में मिठाइयां बांटी जा रही हैं। बहनें नाच-गा रही हैं। उनके पिता रामकुमार सिहाग ने बताया कि आज मेरी खुशी का ठिकाना नहीं। बच्चे ने हमारा नाम रोशन कर दिया है।
रवि की बड़ी बहन कोमल रायसिंहनगर के गांव 7पीएस में कृषि पर्यवेक्षक है। उनका कहना है कि रवि शुरू से ही इंटेलीजेंट रहा है। वह आठवीं और बाहरवीं में मेरिट में आया। उसने पढाई खूब मेहनत से की है, लेकिन फ्री मांइड होकर। वह फिल्मों का शौकीन है।

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