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इसरो के अनुभव का उठायेंगे लाभ

- एसबीटी से बातचीत में बोले आईएएस अतुल कुमार बंसल
श्रीगंगानगर। गंगानगर जिले की पदमपुर तहसील के अतुलकुमार बंसल आईएएस बन गए हैं। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 115वीं रैंक प्राप्त की है। शनिवार को एसबीटी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे आम आदमी की समस्याओं को हल करने का पूरा प्रयास करेंगे।
इसरो जैसी प्रतिष्ठित संस्था में काम छोड़कर सिविल सेवा में जाने की वजह स्पष्ट करते हुए अतुल बंसल ने कहा कि वे आम आदमी के लिए करना चाहते हंै जबकि इसरो में टैक्निकल डवलेपमेंट के क्षेत्र में ज्यादा काम होता है। सिविल परीक्षा के तहत प्री-मेन और इंटरव्यू की तैयारी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि चरणबद्ध तरीके से पढ़ाई की। लगातार देश-विदेश की घटनाओं पर नजर रखी। उनके प्रभाव और समाधान की जानकारी जुटाई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अपने इसरो के अनुभवों का लाभ वे प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने में करेंंगे। सिविल सर्विस में उन अनुभवों और टैक्नीक का उपयोग कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।
इंटरव्यू के दौरान पूछे जाने वाले उल्टे-पुल्टे सवालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी बात नहीं है। सिविल सेवा की परीक्षा पास करने वालों के इंटरव्यू बेहद अनुभवी और वरिष्ठ स्तर के अधिकारी लेते हैं।
सीमित क्षेत्र में सवाल नहीं पूछे जाते। इंटरव्यू लेने वाले अभ्यर्थी की नॉलेज टेस्ट करते हैं। करंट अफेयर्स के सवाल पूछे जाते हंै, लेकिन विषय से हटकर कोई सवाल नहीं आते। अगर अभ्यर्थी को किसी सवाल का जवाब नहीं पता तो वह ओनस्ट तरीके से मना कर दे। सवालों से घबराए नहीं। आत्मविश्वास से पूछी गई बात की जानकारी देने का प्रयास करें। भविष्य की कार्य योजनाओं पर अतुल बंसल ने कहा कि वे आम आदमी की समस्याओं को दूर करने को प्राथमिकता देंगे। उनका प्रयास रहेगा कि अपने अनुभवों से आम आदमी के जीवन को कैसे बेहतर बनाया जाए।
गंगानगर से इसरो तक का सफर
उल्लेखनीय है कि उनके पिता मदनलाल बंसल पदमपुर में एडवोकेट हंै। अतुल बंसल ने मैट्रिक तक शिक्षा गंगानगर के नोजगे पब्लिक स्कूल में की। फिर रुड़की से आईआईटी की परीक्षा पास कर वर्ष 2012 से 2015 तक इसरो में अंतरिक्ष वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत रहे। तत्पश्चात आईएएस परीक्षा की तैयारी शुरु की। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा बीती शुक्रवार रात को सिविल सेवा परीक्षा 2018 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इसमें अतुल बंसल की 115वीं रैंक रही। उनके बड़े भाई अजयकुमार बंसल 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में सेवारत हैं। अतुल बंसल ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों और गुरुजनों को दिया है। बातचीत मेें उन्होंने बताया कि वे आम आदमी की निराशा खत्म कर प्रशासनिक ढांचे में बदलाव लाते हुए चुस्त-दुरुस्त करने का प्रयास करेंगे। अतुल बंसल की सफलता पर परिजनों ने खुशी जताई है।


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