प्ले स्टोर और एप्पल से हटा टिकटॉक
-कोई नहीं कर पाएगा डाउनलोड
नई दिल्ली। भारत में बेहद लोकप्रिय वीडियो ऐप टिकटॉप को ऐप स्टोर्स से हटा दिया गया है। इस ऐप को एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लैटफॉर्म से ब्लॉक कर दिया गया है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को गूगल और ऐपल को अपने ऐप स्टोर से चीनी वीडियो एप्लिकेशन टिकटॉक को हटाने के लिए कहा था, जिसके बाद यह कदम सामने आया है। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने टिकटॉक ऐप पर बैन लगाने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ टिकटॉक ऐप की मालिक चीनी कंपनी क्च4ह्लद्गस्रड्डठ्ठष्द्ग ञ्जद्गष्द्धठ्ठशद्यशद्द4 ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी कंपनी को कोई राहत न देते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी थी। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टिकटॉक ने आदेश को अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और मनमाना बताया है और प्रतिबंध पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अपने बचाव में ञ्जद्बद्मञ्जशद्म का कहना था कि इसे उस तरह की सामग्री के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है, जो प्लेटफ़ॉर्म पर थर्ड-पार्टीज़ अपलोड करती है। ञ्जद्बद्मञ्जशद्म ऐप पिछले एक साल में कुछ ज्यादा ही लोकप्रिय हुआ है। बता दें कि कंपनी ने पहले इसे म्यूजिकली के नाम से लॉन्च किया था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर टिक टॉक रख दिया गया। एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में इस ऐप को दुनियाभर में तकरीबन 100 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। आपको बता दें कि इस कंपनी के अधिकार चीनी कंपनी बाइटडांस के पास है, जो दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली स्टार्टअप कंपनियों में से एक है।
नई दिल्ली। भारत में बेहद लोकप्रिय वीडियो ऐप टिकटॉप को ऐप स्टोर्स से हटा दिया गया है। इस ऐप को एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लैटफॉर्म से ब्लॉक कर दिया गया है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को गूगल और ऐपल को अपने ऐप स्टोर से चीनी वीडियो एप्लिकेशन टिकटॉक को हटाने के लिए कहा था, जिसके बाद यह कदम सामने आया है। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने टिकटॉक ऐप पर बैन लगाने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ टिकटॉक ऐप की मालिक चीनी कंपनी क्च4ह्लद्गस्रड्डठ्ठष्द्ग ञ्जद्गष्द्धठ्ठशद्यशद्द4 ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी कंपनी को कोई राहत न देते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी थी। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टिकटॉक ने आदेश को अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और मनमाना बताया है और प्रतिबंध पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अपने बचाव में ञ्जद्बद्मञ्जशद्म का कहना था कि इसे उस तरह की सामग्री के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है, जो प्लेटफ़ॉर्म पर थर्ड-पार्टीज़ अपलोड करती है। ञ्जद्बद्मञ्जशद्म ऐप पिछले एक साल में कुछ ज्यादा ही लोकप्रिय हुआ है। बता दें कि कंपनी ने पहले इसे म्यूजिकली के नाम से लॉन्च किया था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर टिक टॉक रख दिया गया। एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में इस ऐप को दुनियाभर में तकरीबन 100 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। आपको बता दें कि इस कंपनी के अधिकार चीनी कंपनी बाइटडांस के पास है, जो दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली स्टार्टअप कंपनियों में से एक है।

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