सुबह दिखाई दी देर रात आंधी, बारिश-ओलों से हुई बर्बादी
- आंधी में उड़ गई खेतों में काटकर रखी फसलें
श्रीगंगानगर (एसबीटी)। जिले में सोमवार शाम से शुरु हुआ आंधी-बारिश का दौर देर रात तक जारी रहा। आंधी, बारिश और ओलों की वजह खेतों में कटाई के लिए पककर तैयार खड़ी फसलों के साथ-साथ काटकर रखी गई फसलों को भी भयंकर नुकसान पहुंचा है। रात में आंधी-बारिश से हुई बर्बादी की सही तस्वीर मंगलवार सुबह दिखी।
जिले के अनूपगढ़, 365 हैड, रावला, केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर सहित अन्य क्षेत्रों में सोमवार शाम धूलभरी आंधी आई। इसके बाद बारिश-ओलावृष्टि हुई। बारिश और ओलावृष्टि से विभिन्न स्थानों पर खेतों में कटाई के लिए पककर तैयार खड़ी गेहूं, सरसों और चना की फसलों को नुकसान पहुंचा। अधिकांश स्थानों पर फसलें खेतों मेंं बिछ गईं। दौलतपुरा क्षेत्र के खेतों में तो काटकर रखी गई चने की ढेरियां आंधी में उड़ गईं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। देर रात 1 बजे के बाद भी कई स्थानों पर बारिश का दौर चला। मंगलवार सुबह किसानों ने खेतों में अपनी फसलों को संभाला। किसान सुरेंद्र धारणिया ने बताया कि आंधी-बारिश की वजह से उनकी 10 बीघा में चने की फसल खत्म हो गई। एक दिन पहले काटकर रखी गई चने की ढेरियां आज सुबह खेतों में नहीं मिलीं। सारी फसल नष्ट हो गई।
ऐसे ही आसपास के किसानों के साथ हुआ। खेतों में बिछी फसलों को देखकर किसान मायूस हो गए। एमएसपी सत्याग्रह के कार्यकर्ता अनिल गोदारा ने कहा कि गंगानगर के अन्नदाता को बीती रात आए तूफान ने बर्बाद कर दिया है। किसानों को पहले ही एमएसपी खरीद का लाभ नहीं मिल रहा, ऊपर से ये प्राकृतिक आपदा। किसानों की तो कमर ही टूट गई। प्रशासन जल्द सर्वे कर प्रभावित किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलवाए।
श्रीगंगानगर (एसबीटी)। जिले में सोमवार शाम से शुरु हुआ आंधी-बारिश का दौर देर रात तक जारी रहा। आंधी, बारिश और ओलों की वजह खेतों में कटाई के लिए पककर तैयार खड़ी फसलों के साथ-साथ काटकर रखी गई फसलों को भी भयंकर नुकसान पहुंचा है। रात में आंधी-बारिश से हुई बर्बादी की सही तस्वीर मंगलवार सुबह दिखी।
जिले के अनूपगढ़, 365 हैड, रावला, केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर सहित अन्य क्षेत्रों में सोमवार शाम धूलभरी आंधी आई। इसके बाद बारिश-ओलावृष्टि हुई। बारिश और ओलावृष्टि से विभिन्न स्थानों पर खेतों में कटाई के लिए पककर तैयार खड़ी गेहूं, सरसों और चना की फसलों को नुकसान पहुंचा। अधिकांश स्थानों पर फसलें खेतों मेंं बिछ गईं। दौलतपुरा क्षेत्र के खेतों में तो काटकर रखी गई चने की ढेरियां आंधी में उड़ गईं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। देर रात 1 बजे के बाद भी कई स्थानों पर बारिश का दौर चला। मंगलवार सुबह किसानों ने खेतों में अपनी फसलों को संभाला। किसान सुरेंद्र धारणिया ने बताया कि आंधी-बारिश की वजह से उनकी 10 बीघा में चने की फसल खत्म हो गई। एक दिन पहले काटकर रखी गई चने की ढेरियां आज सुबह खेतों में नहीं मिलीं। सारी फसल नष्ट हो गई।
ऐसे ही आसपास के किसानों के साथ हुआ। खेतों में बिछी फसलों को देखकर किसान मायूस हो गए। एमएसपी सत्याग्रह के कार्यकर्ता अनिल गोदारा ने कहा कि गंगानगर के अन्नदाता को बीती रात आए तूफान ने बर्बाद कर दिया है। किसानों को पहले ही एमएसपी खरीद का लाभ नहीं मिल रहा, ऊपर से ये प्राकृतिक आपदा। किसानों की तो कमर ही टूट गई। प्रशासन जल्द सर्वे कर प्रभावित किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलवाए।

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