प्रहलाद राय टाक ने की घर वापसी, भाजपा में लौटे
- प्रदशोध्यक्ष सैनी ने करवाया ज्वाइन
श्रीगंगानगर। प्रहलाद राय टाक ने घर वापसी कर ली है। विधानसभा चुनाव मेें टिकट नहीं मिलने पर नाराज होकर वे जिस भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर गए थे, आज उसी भाजपा में वापस आ गए हैं।
टाक ने मंगलवार को जयपुर में भाजपा में वापसी कर ली। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने टाक का माल्यार्पण कर घर लौटने पर स्वागत किया। सैनी ने उनके पार्टी में लौटने पर प्रसन्नता जताई। भाजपा मेें शामिल होने के बाद प्रहलाद टाक ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी मुलाकात की।
गौरतलब है कि भाजपा के तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष प्रहलाद राय टाक श्रीगंगानगर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लडऩा चाहते थे। उन्होंने चुनाव से साल भर पहले ही अपना जन संपर्क अभियान शुरू कर दिया था, लेकिन ऐन मौके पर भाजपा ने विनीता आहुजा को उम्मीदवार बना दिया।
इससे नाराज होकर टाक ने भाजपा छोड़ दी और बहुजन समाज पार्टी मेंं शामिल हो गए। उन्होंने बसपा के टिकट पर श्रीगंगानगर से चुनाव लड़ा।
विधानसभा चुनाव में टाक कोई करिश्मा नहीं दिखा पाए लेकिन उन्होंने जो वोट हासिल लिए, उससे भाजपा प्रत्याशी को हराने में जरूर योगदान पड़ा। माना जा रहा है कि कुम्हार मतदाताओं को लोकसभा चुनाव में आकर्षित करने के लिए भाजपा ने प्रहलाद टाक की घर वापसी का मार्ग प्रशस्त किया है।
श्रीगंगानगर। प्रहलाद राय टाक ने घर वापसी कर ली है। विधानसभा चुनाव मेें टिकट नहीं मिलने पर नाराज होकर वे जिस भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर गए थे, आज उसी भाजपा में वापस आ गए हैं।
टाक ने मंगलवार को जयपुर में भाजपा में वापसी कर ली। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने टाक का माल्यार्पण कर घर लौटने पर स्वागत किया। सैनी ने उनके पार्टी में लौटने पर प्रसन्नता जताई। भाजपा मेें शामिल होने के बाद प्रहलाद टाक ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी मुलाकात की।
गौरतलब है कि भाजपा के तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष प्रहलाद राय टाक श्रीगंगानगर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लडऩा चाहते थे। उन्होंने चुनाव से साल भर पहले ही अपना जन संपर्क अभियान शुरू कर दिया था, लेकिन ऐन मौके पर भाजपा ने विनीता आहुजा को उम्मीदवार बना दिया।
इससे नाराज होकर टाक ने भाजपा छोड़ दी और बहुजन समाज पार्टी मेंं शामिल हो गए। उन्होंने बसपा के टिकट पर श्रीगंगानगर से चुनाव लड़ा।
विधानसभा चुनाव में टाक कोई करिश्मा नहीं दिखा पाए लेकिन उन्होंने जो वोट हासिल लिए, उससे भाजपा प्रत्याशी को हराने में जरूर योगदान पड़ा। माना जा रहा है कि कुम्हार मतदाताओं को लोकसभा चुनाव में आकर्षित करने के लिए भाजपा ने प्रहलाद टाक की घर वापसी का मार्ग प्रशस्त किया है।

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