'डिविडेंड प्ले, का दर्जा गंवा सकती है कोल इंडिया
मुंबई। निवेशकों के बीच कोल इंडिया की पहचान ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनी की रही है, लेकिन मार्केट की उम्मीद से कम अंतरिम डिविडेंड की वजह से उसकी यह छवि टूट सकती है। ब्रोकरेज फर्म इडलवाइज ने बताया है कि वित्त वर्ष 2019 में कोल इंडिया का डिविडेंड पेआउट पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम रह सकता है, क्योंकि वह ग्रोथ बढ़ाने के लिए अपने पास नकदी रखना चाहती है। पिछले हफ्ते पब्लिक सेक्टर की इस कंपनी ने 5.85 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया था। वित्त वर्ष 2019 में यह कोल इंडिया का दूसरा अंतरिम लाभांश था। कंपनी के निवेशक इस महीने अंतिम लाभांश की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन यह पिछले वर्षों की तरह ऊंचा नहीं रहेगा। इडलवाइज ने क्लाइंट्स को भेजे एक नोट में लिखा है, 'वित्त वर्ष 2019 में कोल इंडिया अपने मुनाफे का 54 पर्सेंट हिस्सा डिविडेंड के रूप में बांट सकती है, जो पिछले तीन साल में हर साल 160 पर्सेंट रहा था।,

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