गरीब परिवारों के लिए अनाज आवंटन बढ़ाएगी सरकार!
नई दिल्ली। सरकार टारगेटेड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम्स में गरीब परिवारों के लिए अनाज का आवंटन बढ़ाने पर विचार कर रही है। दरअसल इस योजना के पीछे 15 मार्च से शुरू हो रहे सरकारी खरीदारी के नए सीजन से पहले पुराना भंडार घटाने का इरादा है। सार्वजनिक वितरण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए सेंट्रल पूल की खातिर अनाज खरीदने वाली एजेंसी फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास गेहूं और चावल का कुल स्टॉक 4.77 करोड़ टन से ज्यादा हो चुका है। यह फरवरी में साल 2013 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है, जो तब 6.63 करोड़ टन हो गया था। फूड मिनिस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'हम जिन कल्याणकारी योजनाओं में गरीब परिवारों को सब्सिडाइज्ड रेट पर अनाज देते हैं, उनमें चावल और गेहूं का आवंटन 3-5 किलो बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। इससे गोदामों में बढ़ रहा भंडार कम होगा। इससे हमें गेहूं की नई खरीदारी में सहूलियत होगी, जो मध्य प्रदेश से 15 मार्च से शुरू होने वाली है।Ó सरकार राशन की दुकानों से हर गरीब व्यक्ति के लिए हर महीने 5 किलो अनाज देती है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत गरीब परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है।

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