अनूपगढ़ : कुर्की के कमीशन में भारी गड़बड़ी
- एक लाख से अधिक की राशि एसडीएम के निजी सहायक के खाते में पहुंचाई
- एडीएम सिटी ने जांच में निजी सहायक को दोषी माना
श्रीगंगानगर। कुर्की करने के बाद सरकार द्वारा दिए जाने वाले कमीशन में भारी गड़बड़ी हुई है। मामला सामने आते ही अधिकारियों मे हड़कम्प मच गया और उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच एडीएम सिटी गोपालराम बिरदा से करवाई। इस जांच में अनूपगढ़ एसडीएम के निजी सहायक शिव कुमार डेलू को दोषी माना है। इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, एसडीएम की भी जांच हो सकती है। इस मामले में शिकायत करने वाले कोई और नहीं बल्कि अनूपगढ़ तहसील के राजस्व लेखाकार नरेश गोदारा, मुकेश, राजेश आचार्य हैं। इन्होंने जिला कलेक्टर को शिकायत की थी कि एसडीएम द्वारा जो कुर्की और कुर्की से सम्बंधित नोटिस जारी किए गए, उसमें दो लाख रु. तक का कमीशन टीआरए का भी बनता था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुर्की पर पांच प्रतिशत और नोटिस पर दो प्रतिशत कमीशन राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। ऐसे में लगभग दो लाख रु. कमीशन जो टीआरए के खाते में आना चाहिए था, वह एसडीएम अनूपगढ़ ने अपने निजी सहायक के खाते में डलवा दिया। विवाद होने पर इन सभी टीआरए ने इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से की। अब एडीएम सिटी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी है। जिसमें गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासन ने निजी सहायक शिवकुमार डेलू के खिलाफ कार्यवाही के लिए अनूपगढ़ एसडीएम को आदेश भी जारी कर दिए हैं।
इनका कहना है
इस मामले में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। कार्यालय में आने पर ही मैं कोई जानकारी दे सकता हूं, फोन पर नहीं। -मनमोहन मीणा, एसडीएम अनूपगढ़
- एडीएम सिटी ने जांच में निजी सहायक को दोषी माना
श्रीगंगानगर। कुर्की करने के बाद सरकार द्वारा दिए जाने वाले कमीशन में भारी गड़बड़ी हुई है। मामला सामने आते ही अधिकारियों मे हड़कम्प मच गया और उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच एडीएम सिटी गोपालराम बिरदा से करवाई। इस जांच में अनूपगढ़ एसडीएम के निजी सहायक शिव कुमार डेलू को दोषी माना है। इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, एसडीएम की भी जांच हो सकती है। इस मामले में शिकायत करने वाले कोई और नहीं बल्कि अनूपगढ़ तहसील के राजस्व लेखाकार नरेश गोदारा, मुकेश, राजेश आचार्य हैं। इन्होंने जिला कलेक्टर को शिकायत की थी कि एसडीएम द्वारा जो कुर्की और कुर्की से सम्बंधित नोटिस जारी किए गए, उसमें दो लाख रु. तक का कमीशन टीआरए का भी बनता था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुर्की पर पांच प्रतिशत और नोटिस पर दो प्रतिशत कमीशन राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। ऐसे में लगभग दो लाख रु. कमीशन जो टीआरए के खाते में आना चाहिए था, वह एसडीएम अनूपगढ़ ने अपने निजी सहायक के खाते में डलवा दिया। विवाद होने पर इन सभी टीआरए ने इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से की। अब एडीएम सिटी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी है। जिसमें गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासन ने निजी सहायक शिवकुमार डेलू के खिलाफ कार्यवाही के लिए अनूपगढ़ एसडीएम को आदेश भी जारी कर दिए हैं।
इनका कहना है
इस मामले में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। कार्यालय में आने पर ही मैं कोई जानकारी दे सकता हूं, फोन पर नहीं। -मनमोहन मीणा, एसडीएम अनूपगढ़

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