आश्रम में यौन शोषण मामले में जांच जारी
श्रीगंगानगर (एसबीटी)। मोहनपुरा मार्ग पर स्थित एक आश्रम में नाबालिगा के साथ यौन शोषण के मामले की जांच जारी है। घटना के कई वर्ष बाद आश्रम संचालक पर मुकदमा दर्ज होने से यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
जांच अधिकारी एससीएसटी सैल के सीओ रामप्रताप बिश्रोई ने बताया कि प्रकरण की जांच चल रही है। अभी कुछ भी बताने योग्य नहीं है। बस जांच चल रही है। गौरतलब है कि महिला पुलिस थाना में दर्ज करवाये मुकदमे में पीडि़ता ने बताया कि जब वह डेढ़ वर्ष की थी, उस वक्त परिजनों ने उसे आश्रम में छोड़ दिया था। बाल्यावस्था की परवरिश आश्रम में हुई। यहां जब वह 12-13 वर्ष की हुई, तो आश्रम संचालक उसका यौन शोषण करता रहा। संचालक ने आश्रम के ही एक युवक से उसकी शादी करवा दी। उसका पति भी आश्रम संचालक का सहयोग करता रहा। परेशान होकर उसने आश्रम छोड़ दिया और एक गांव में जाकर रहने लगी।
पति से उसके दो बच्चे पैदा हुये। यौन शोषण के खिलाफ जब उसने आवाज उठाई, तो उसके दो बच्चों का अपहरण करके उसे डराया और धमकाया गया। जांच अधिकारी पीडि़ता को बयान दर्ज करवाने के लिए तलब करेंगे।
जांच अधिकारी एससीएसटी सैल के सीओ रामप्रताप बिश्रोई ने बताया कि प्रकरण की जांच चल रही है। अभी कुछ भी बताने योग्य नहीं है। बस जांच चल रही है। गौरतलब है कि महिला पुलिस थाना में दर्ज करवाये मुकदमे में पीडि़ता ने बताया कि जब वह डेढ़ वर्ष की थी, उस वक्त परिजनों ने उसे आश्रम में छोड़ दिया था। बाल्यावस्था की परवरिश आश्रम में हुई। यहां जब वह 12-13 वर्ष की हुई, तो आश्रम संचालक उसका यौन शोषण करता रहा। संचालक ने आश्रम के ही एक युवक से उसकी शादी करवा दी। उसका पति भी आश्रम संचालक का सहयोग करता रहा। परेशान होकर उसने आश्रम छोड़ दिया और एक गांव में जाकर रहने लगी।
पति से उसके दो बच्चे पैदा हुये। यौन शोषण के खिलाफ जब उसने आवाज उठाई, तो उसके दो बच्चों का अपहरण करके उसे डराया और धमकाया गया। जांच अधिकारी पीडि़ता को बयान दर्ज करवाने के लिए तलब करेंगे।

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