मनमाने एमआरपी पर कस सकता है कानूनी शिकंजा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने घरेलू ऑफलाइन ट्रेडर्स से दो टूक कहा है कि वह ऑनलाइन रीटेलर्स की पूंजीगत और तकनीकी बढ़त को किसी भी रूप में बाधित नहीं करना चाहती, अलबत्ता छोटे व्यापारियों को भी मेनस्ट्रीम में लाना चाहती है। लेकिन बड़ी कंपनियों को नियमों से खेलने की छूट नहीं होगी और एमआरपी या डिस्काउंट में भेदभाव रोकने के और उपायों पर भी विचार होगा। ड्राफ्ट ई-कॉमर्स पॉलिसी और आंतरिक व्यापार के मसले पर मंगलवार को स्टेकहोल्डर्स के साथ एक मीटिंग के दौरान नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने व्यापार संगठनों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों की निगरानी करेगी। लेकिन साथ ही कहा कि रीटेल सेक्टर की ग्रोथ और कन्ज्यूमर्स के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।

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