अबकी बार सुखोई-30 से वार, एयरस्ट्राइक में इस्तेमाल हुए बम के साथ ट्रायल
नई दिल्ली। वायुसेना के प्रमुख ने सोमवार को ही संकेत दिए थे कि आतंकवाद के खिलाफ उनका ऑपरेशन अब भी जारी है. अब इसकी झलक दिखनी भी शुरू हो गई है, वायुसेना ने कुछ ऐसे ट्रायल किए हैं जिनसे आतंकवादी परेशान हो सकते हैं. वायुसेना ने महत्वपूर्ण लड़ाकू विमान सुखोई-30 के द्वारा स्पाइस 2000 बम गिराने का ट्रायल किया है. ट्रायल के बाद अब ये प्रक्रिया अपनी फाइनल स्टेज में जारी है. आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक में वायुसेना ने इन्हीं बमों को जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर गिराया था.
हालांकि, इस एयर स्ट्राइक में सुखोई की जगह मिराज लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया गया था. सुखोई-30 भारतीय वायुसेना का मुख्य लड़ाकू विमान है.
एयर फोर्स के सूत्रों की मानें तो हमने सुखोई-30 में स्पाइस 2000 बम के इस्तेमाल का ट्रायल किया है. अभी इस तरह का बम सिर्फ मिराज ही इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अब इसी के साथ ही अब हमारे लिए ऑप्शन बढ़ गए हैं. गौरतलब है कि इस एयर स्ट्राइक में सुखोई लड़ाकू विमानों ने मिराज को कवर देने का काम किया था. लेकिन आतंकी ठिकानों पर बम मिराज ने ही गिराए थे.
हालांकि, इस एयर स्ट्राइक में सुखोई की जगह मिराज लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया गया था. सुखोई-30 भारतीय वायुसेना का मुख्य लड़ाकू विमान है.
एयर फोर्स के सूत्रों की मानें तो हमने सुखोई-30 में स्पाइस 2000 बम के इस्तेमाल का ट्रायल किया है. अभी इस तरह का बम सिर्फ मिराज ही इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अब इसी के साथ ही अब हमारे लिए ऑप्शन बढ़ गए हैं. गौरतलब है कि इस एयर स्ट्राइक में सुखोई लड़ाकू विमानों ने मिराज को कवर देने का काम किया था. लेकिन आतंकी ठिकानों पर बम मिराज ने ही गिराए थे.

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