सूचना आयोग ने नगर परिषद आयुक्त को दोषी माना
- नगरपरिषद सभापति को कार्यवाही के आदेश दिए, राधेश्याम गोयल ने अतिक्रमण के मामले में मांगी थी सूचना
श्रीगंगानगर। राजस्थान सूचना आयोग ने एडवोकेट राधेश्याम गोयल को 15 दिवस में सूचना देने के आदेश देने के बावजूद नगरपरिषद आयुक्त द्वारा सूचना नहीं दी गई।
इस मामले में आयोग ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए आयुक्त को अधिनियम 2005 की अवहेलना का दोषी माना और इसमें सूचना अधिकारी अधिनियम 2005 की धारा 20 (2) के तहत अध्यक्ष नगरपरिषद श्रीगंगानगर को द्वितीय अपीलीय आदेश की अवहेलना के दोषी के विरूद्ध 30 दिन में अनुशासनात्क कार्यवाही करने की अनुशंसा भी की। लेकिन एक वर्ष व्यतीत होने के बावजूद नगरपरिषद सभापति ने कोई कार्यवाही नहीं की। एडवोकेट गोयल द्वारा बार-बार लिखित में इस सम्बंध में अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। राधेश्याम गोयल ने सूचना मांगी थी कि उनके घर के पास महावीर प्रसाद पुत्र बलदेव कृष्ण निवासी 23-के ब्लॉक द्वारा उनके मकान के साथ-साथ 8 से 10 फीट गड्ढे खोदकर सीमेंट से पिल्लर खड़े किए हैं। इससे साथ के मकान में दरारें आ गई हैं। आयुक्त से मांग की गई कि वे कार्यवाही कर जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि दें।
श्रीगंगानगर। राजस्थान सूचना आयोग ने एडवोकेट राधेश्याम गोयल को 15 दिवस में सूचना देने के आदेश देने के बावजूद नगरपरिषद आयुक्त द्वारा सूचना नहीं दी गई।
इस मामले में आयोग ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए आयुक्त को अधिनियम 2005 की अवहेलना का दोषी माना और इसमें सूचना अधिकारी अधिनियम 2005 की धारा 20 (2) के तहत अध्यक्ष नगरपरिषद श्रीगंगानगर को द्वितीय अपीलीय आदेश की अवहेलना के दोषी के विरूद्ध 30 दिन में अनुशासनात्क कार्यवाही करने की अनुशंसा भी की। लेकिन एक वर्ष व्यतीत होने के बावजूद नगरपरिषद सभापति ने कोई कार्यवाही नहीं की। एडवोकेट गोयल द्वारा बार-बार लिखित में इस सम्बंध में अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। राधेश्याम गोयल ने सूचना मांगी थी कि उनके घर के पास महावीर प्रसाद पुत्र बलदेव कृष्ण निवासी 23-के ब्लॉक द्वारा उनके मकान के साथ-साथ 8 से 10 फीट गड्ढे खोदकर सीमेंट से पिल्लर खड़े किए हैं। इससे साथ के मकान में दरारें आ गई हैं। आयुक्त से मांग की गई कि वे कार्यवाही कर जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि दें।

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