
मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शायद रुपये में गिरावट को लेकर रणनीति बदल दी है। वह बार-बार कहता आया है कि रुपये में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए आरबीआई करंसी मार्केट में दखल देता है, लेकिन इस बार जिस दिन रुपये में पांच साल में सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट आई, उस रोज उसने बहुत कम डॉलर बेचे। इस बारे में कोटक सिक्यॉरिटीज के करेंसी एनालिस्ट अनिंद्य बनर्जी ने कहा, '2013 में जब रुपये में गिरावट आई थी, तब आरबीआई बहुत चिंतित था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं दिख रहा है। अगर डॉलर के मुकाबले रुपये में इमर्जिंग मार्केट्स की करंसी के साथ गिरावट आती है तो वह उससे परेशान नहीं होगा। हालांकि, सिर्फ रुपये में कमजोरी आने पर उसकी चिंता बढ़ सकती है।,
No comments