Breaking News

राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्थलों पर अवैध कब्जे

- पुरातत्व अवशेषों के अस्तित्व को खतरा
- पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने प्रशासन को दिए निर्देश
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर जिले में राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्थलों की जमीन पर अवैध कब्जे किए जा रहे
हैं। जिससे पुरातत्वविक अवशेषों से युक्त टीलों के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न हो गया है।
इस सम्बंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जोधपुर के अधीक्षण पुरातत्वविद डी वी एस बडीगर ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि श्रीगंगानगर में केन्द्र सरकार द्वारा सात स्थल राष्ट्रीय महत्व संरक्षित स्थल घोषित हैं।
उन्होंने कहा कि रंग महल, भनरथेरी, मथुला 23 जीबी श्रीविजयनगर, चक 86 अनूपगढ़, बिजनौर अनूपगढ़, बरोर अनूपगढ़, तरखानेवाला डेरा अनूपगढ़ आदि प्राचीन टीलें हैं, जिनकी भूमि पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। इससे पुरातत्व अवशेषों के इन टीलों को खतरा हो गया है।
सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि इन स्थलों को किसी भी तरह के व्यक्तियों को आवंटन करना या इन पर निर्माण करना प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वविक स्थल एवं अवशेष अधिनियम 1958 के तहत कार्यवाही का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों को हटाने के लिए समुचित कार्यवाही करें। साथ ही, जमीनों के आवंटन में लिप्त व्यक्तियों को पाबंद करें।

No comments