हनुमानगढ़ जिला दूसरे और श्रीगंगानगर नौवें स्थान पर
श्रीगंगानगर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद जयपुर की ओर से अगस्त 2018 में जारी रैंकिंग में माध्यमिक शिक्षा अभियान में हनुमानगढ़ जिला राज्य भर में दूसरे और श्रीगंगानगर जिला नौवें स्थान पर रहा है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद जयपुर की ओर से शिक्षा में गुणात्मक सुधार व विद्यालयों में भौतिक संसाधन जुटाने तथा जिलों में प्रतिस्पर्धा रहे, इसके लिए 19 प्रकार के बिंदुओं के आधार पर अंक प्रदान कर रैंकिंग तय की गई है। इनमें सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले जिलों को राज्य स्तर पर रैंकिंग निर्धारित की जाती है।
रैंकिंग में नामांकन वृद्धि, कक्षा पांचवीं, आठवीं, दसवीं एवं बारहवीं का बोर्ड परीक्षा परिणाम, आंगनबाड़ी समन्वय, उत्कृष्ट विद्यालयों में भौतिक विकास,
विद्यालयों में भौतिक विकास के लिए प्राप्त राशि, उत्कृष्ट विद्यालयों में कल्प लेब, ब्रॉडबैंड की उपलब्धता, विद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन डिस्पेंसर लगवाने, खेल मैदान एवं चारदीवारी निर्माण, शौचालय एवं पेयजल उपलब्धता, विद्यालयों में बिजली कनेक्शन की उपलब्धता, क्लिक योजना एवं पीटीएम की उपस्थिति, 80जी के तहत पेन कार्ड सहित कुल 19 बिंदुओं को चयन का आधार माना गया।
रैंकिंग मेंं पहले पायदान पर एक बार फिर से चूरू जिले ने कब्जा जमाया है। तीसरे स्थान पर सीकर रहा। शिक्षा नगरी कोटा ने राज्य में आठवां एवं प्रदेश की राजधानी जयपुर ने पिछड़कर 13वां स्थान प्राप्त किया। सबसे निचले 33 वें पायदान पर भरतपुर जिला रहा।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद जयपुर की ओर से शिक्षा में गुणात्मक सुधार व विद्यालयों में भौतिक संसाधन जुटाने तथा जिलों में प्रतिस्पर्धा रहे, इसके लिए 19 प्रकार के बिंदुओं के आधार पर अंक प्रदान कर रैंकिंग तय की गई है। इनमें सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले जिलों को राज्य स्तर पर रैंकिंग निर्धारित की जाती है।
रैंकिंग में नामांकन वृद्धि, कक्षा पांचवीं, आठवीं, दसवीं एवं बारहवीं का बोर्ड परीक्षा परिणाम, आंगनबाड़ी समन्वय, उत्कृष्ट विद्यालयों में भौतिक विकास,
विद्यालयों में भौतिक विकास के लिए प्राप्त राशि, उत्कृष्ट विद्यालयों में कल्प लेब, ब्रॉडबैंड की उपलब्धता, विद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन डिस्पेंसर लगवाने, खेल मैदान एवं चारदीवारी निर्माण, शौचालय एवं पेयजल उपलब्धता, विद्यालयों में बिजली कनेक्शन की उपलब्धता, क्लिक योजना एवं पीटीएम की उपस्थिति, 80जी के तहत पेन कार्ड सहित कुल 19 बिंदुओं को चयन का आधार माना गया।
रैंकिंग मेंं पहले पायदान पर एक बार फिर से चूरू जिले ने कब्जा जमाया है। तीसरे स्थान पर सीकर रहा। शिक्षा नगरी कोटा ने राज्य में आठवां एवं प्रदेश की राजधानी जयपुर ने पिछड़कर 13वां स्थान प्राप्त किया। सबसे निचले 33 वें पायदान पर भरतपुर जिला रहा।
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